इस समय भगवान भास्कर रोद्र रूप धारण किए हुए हैं। सुबह नौ बजे से ही कड़क धूप का अहसास होने लगता है और करीब एक बजे से सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगता है। इस दौरान यदि किसी को बेहद जरूरी काम से निकलना होता है तो वह धूप से बचने के लिए सिर पर रुमाल, तौलिया डालकर निकलता है। वहीं, महिलाएं दुपट्टा, स्काफ से मुंह छिपाकर निकल रही हैं। ऐसा ही नजारा रविवार को दोपहर करीब दो बजे जेल चौराहा पर रहा। यहां से करीब पांच लड़कियां पानी की बड़ी टंकी की ओर जा रही थी। सभी के चेहरे पूरी तरह ढके हुए थे केवल उनकी आंखें ही दिखाई दे रही थी।
43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम रविवार का तापमान रहा। 26 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा। 25 मई से लग रहे नौतपा