ललितपुर जिले के प्रमुख शहजाद बांध का 22 करोड़ रुपये से दायरा बढ़ाया जाएगा। शासन स्तर से स्वीक़ृति मिलने के बाद 70 हेक्टेयर में बांध का भराव क्षेत्र बनाया जाएगा। नए भराव क्षेत्र की भूमि का अधिग्रहण करने के लिए सिंचाई विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बताया जाता है कि जल्द ही डूब क्षेत्र में आने वाली भूमि का मुआवजा जल्द ही प्रभावित किसानों को वितरित किया जाएगा।
जिले के शहजाद बांध का पूर्ण जलस्तर 321.00 मीटर है। जिससे 116.60 किमी नहरों के जरिए 14403 हेक्टेयर भूमि सिंचित की जाती है। कुछ महीने पहले सिंचाई विभाग ने निर्धारित क्षमता से 80 सेंटीमीटर अधिक बांध को भरा था। जिसके जरिए स्प्रिंकलर परियोजना से जुडे़ गांवों को पानी दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक स्प्रिंकलर परियोजना से ऐसे क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा दी जाती है। जहां पर इस बांध से निकली नहरों का संचालन नहीं हो रहा है।
वर्तमान में बांध से सिंचाई के लिए निकली नहरों की कुल लंबाई 116.60 किमी है। इन नहरों के जरिए 14403 हेक्टेयर भूमि पर बोयी गई फसल को सिंचित किया जाता है। बांध के जलभराव का दायरा बढ़ने से 70 हेक्टेयर भूमि और पानी में डूब जाएगी। इस भूमि का अधिग्रहण करने के लिए विभाग ने शासन से 22 करोड़ रुपये की मांग की थी। जिसे शासन ने मंजूर कर दिया है। राशि मिलने के बाद किसानों को मुआवजे का वितरण किया जाएगा।
पावर प्लांट के लिए दस क्यूसेक आरक्षित है पानी
बजाज पावर प्लांट के लिए शासन द्वारा 80 क्यूसेक पानी स्वीकृत है। जिसमें से राजघाट बांध से 60 क्यूसेक, कचनौंदा व शहजाद बांध से 10-10 क्यूसेक पानी दिया जाना तय है। वर्तमान में पावर प्लांट राजघाट डैम और कचनौंदा से ही पानी ले रहा है।
नए सर्किल रेट पर मिलेगा मुआवजा
शहजाद बांध के अतिरिक्त जलभराव से डूबने वाली जमीन के भूस्वामियों को नए सर्किल रेट के अनुसार सरकारी मालीयत से चार गुना का मुआवजा दिया जाएगा। जबकि शहजाद बांध निर्माण के दौरान अधिगृहित की गई जमीन के स्वामियों को सिर्फ मालीयत के अनुसार मुआवजा वितरित किया गया था।
जमीन का अधिग्रहण करने के लिए शासन ने 22 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। मार्च 2023 के बाद प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जाना शुरू हो जाएगा। वर्तमान में पावर प्लांट को पानी देने की कोई योजना नहीं है।
शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग