संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। एक साथ तीन बच्चों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसर रहा। कई घराें में चूल्हे तक नहीं जले। देर रात तीनों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
रविवार सुबह हुए हादसे के बाद जिस व्यक्ति ने यह घटना सुनी वह स्तब्ध रह गया। सीएचसी पर लोगों का जमघट लग गया। इसके बाद आसपास के गांवों के लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और सांत्वना देने का क्रम जारी रहा। पोस्टमार्टम के बाद देर रात जब बच्चों के शव गांव में आए तो महिलाओं की चीखें सुन लोगों के आंसू निकल पडे़।
पहले भी हो चुके हैं हादसे :
लगभग चार वर्ष पहले थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम झावर में रघुनाथ प्रजापति के मकान के पीछे बने खेत तालाब में उसके दो पुत्र मकुंदी और संतोष के दो-दो पुत्रों के डूबने से एक ही परिवार के चार चिराग बुझ गए थे।
कई तरह की चर्चाएं :
इस हादसे को लेकर जहां प्रशासन डूबने से बच्चों की मौत होने की बात कह रहा है, वहीं कुछ ग्रामीण इसके लिए खनन माफिया को भी जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका आरोप है कि इस नाले के आसपास खनन माफिया के वाहन चलते हैं, जिससे बिगारी से नगदा जाने वाला रास्ता हर बार क्षतिग्रस्त हो जाता है। बारिश में जब नाले से पानी बहता है तो पानी सड़क के ऊपर से गुजरता है। अनुमान न लग पाने के कारण कई वाहन चालक नाले में गिर चुके हैं।