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लोक अदालत में सौहार्द से कराएं निपटारा : जिला जज

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से फैसला किया जाता है, जो दोनों पक्षों के हित में होता है। जबकि, जब कोर्ट का फैसला किसी एक के पक्ष में होता है। यह बात जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक कुमार पाराशर ने पत्रकार वार्ता के दौरान कही।
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उन्होंने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है, जहां न्यायालय में लंबित या मुकदमेबाजी से पहले के चरणों में मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा किया जाता है। कोई भी व्यक्ति अपने विवाद को मध्यस्थता और सुलह से निपटाने के लिए लोक अदालत में भेज सकता है। कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश नंद प्रताप ओझा ने बताया कि आपसी सुलह समझौते से परिवारों को टूटने से बचाना है। परिवारों को बचाने का एक माध्यम लोक अदालत है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में किसी प्रकार की न्यायिक फीस नहीं ली जाती है। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव यशवंत कुमार सरोज मौजूद रहे।
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