ललितपुर। ड्रॉपआउट बच्चों के विद्यालय में ठहराव व सीखने की गति में वृद्धि करने के लिए प्रदेश स्तर मॉड्यूल निर्माण के लिए आयोजित होने वाली कार्यशाला में जनपद के दो शिक्षकों का चयन किया गया है।
यूनीसेफ की सहायता से प्रदेश के 15 जनपदों के 60 विद्यालयों में बुनियादी कौशल विकास के लिए लर्निंग बाय डूइंग कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। जिसमें आउट ऑफ स्कूल बच्चों के विद्यालय में ठहराव व सीखने की क्षमता में वृद्धि करने का काम किया जाता है। इस कार्यक्रम के पायलट प्रोजेक्ट को सफलता मिलने के बाद अब प्रदेश स्तर पर एक चार दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जानी है। जिसमें एक मॉड्यूल का निर्माण को लेकर चर्चा की जाएगी। इस कार्यशाला में प्रदेश के नौ जनपदों से शिक्षा विभाग से जुड़े 22 शिक्षाविदों का चयन किया गया है। जिसमें जनपद से प्राथमिक विद्यालय गुगरवारा के प्रधानाध्यापक हेमंत तिवारी और उच्च प्राथमिक विद्यालय सेरवास कलां में तैनात सहायक अध्यापक विनीत तिवारी का चयन किया गया है। इस संबंध में चयनित हुए शिक्षक हेमंत तिवारी ने बताया कि एससीआरटी के स्तर से मॉड्यूल निर्माण के कार्य में उन्होंने पूर्व में भी सहयोग किया है। प्रदेश स्तर का मॉड्यूल निर्माण चुनौतीपूर्ण व महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें विभागीय निर्देशों के क्रम में प्रतिभाग करना एक बड़ी उपलब्धि है। कार्यशाला में बनने बाले इस मॉड्यूल का प्रयोग ड्रॉपआउट बच्चों के विद्यालय में ठहराव व सीखने की गति में वृद्धि करने के लिए शिक्षकों के द्वारा पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
प्रदेश स्तर पर चयनित हुए 22 शिक्षकों में से जनपद के दो शिक्षकों का चयन इस कार्यशाला के लिए हुआ है। यह दोनों शिक्षक इस कार्यशाला में ड्रॉपआउट बच्चों के विद्यालय में ठहराव एवं सीखने की गति में वृद्धि करने के लिए मटेरियल डवलप करेंगे।-रामप्रवेश, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी