शहर के बीच से होकर गुजरी शहजाद नदी का पानी पूरी तरह प्रदूषित हो गया है। यहां से निकलने पर इसका अहसास तब होता है जब प्रदूषित पानी की दुर्गंध हवा के साथ आसमान की ओर उठती है। बीते माहों में नगर पालिका ने इसकी सफाई का बीड़ा उठाया। शुरुआत में नदीपुरा स्थित शहजाद पुल के आसपास कंटीली झाड़ियों को काटकर नदी के पत्थर रंगीन किए गए, जिससे कि नदी का क्षेत्र आकर्षक लग सके। लेकिन यह अभियान ज्यादा दिन तक नहीं चल सका। इससे नगर पालिका की खूब आलोचना हुई। अब एक बार फिर पालिका को नदी की याद आ गई है। उन्होंने अब जलकुंभी को हटाने की शुरुआत की है। नागरिकों का कहना है कि यह अभियान कितने दिन चलता है, यह कहना मुश्किल है। जब तक नदी में विभिन्न मुहल्लों की गंदी नालियों का पानी इसमें गिरता रहेगा, तब तक इसके साफ सुथरा करने की बात बेमानी है।