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Lalitpur News: अयोध्या में सैलाब देख विहिप नेता अशोक सिंघल कहते थे ललितपुर से रामभक्त आ गए

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। राम मंदिर आंदोलन में कोने-कोने से हजारों रामभक्त अयोध्या पहुंचते थे। अयोध्या में रामभक्तों का जब सैलाब दिखता तो मंच से विश्व हिंदू परिषद के नेता अशोक सिंघल कहते थे लगता है कि ललितपुर से रामभक्त अयोध्या पहुंच चुके हैं। 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्रीराम विराजमान होने जा रहे हैं। मंदिर आंदोलन में अपनी भूमिका को याद कर बहुत से आंदोलनकारियों की आंखों में खुशी के आंसू हैं। उन्हीं में से विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष नवल किशोर सोनी, सुधांशु शेखर हुंडेत, रामेश्वर मालवीय भी हैं। पेश है उनसे बातचीत के अंश...

खुफिया विभाग को चकमा देने के लिए नाम बदलकर करते थे संबोधन
विहिप जिलाध्यक्ष नवल किशोर सोनी बताते हैं कि 80-90 के दशक में जब-जब मंदिर आंदोलन की ज्वाला देश में जगी और अयोध्या पहुंचने की बात आई तो वे लोग इस काम में जुट जाते थे। खुफिया विभाग को चकमा देने के लिए वे सभी नाम बदलकर संबोधित किया करते थे। बैठक करने की बात कहीं और करते थे और बैठक कहीं और करते थे।
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जीआईसी-पीएन इंटर कॉलेज को बनाया गया था जेल
वर्ष 1992 में राजकीय इंटर कॉलेज व पीएन इंटर कॉलेज को अस्थाई जेल बनाया गया था। यहां दक्षिण भारत के राम भक्तों को बंद किया गया था। करीब एक से डेढ़ माह तक यहां रामभक्त बंद रहे। इन भक्तों ने दोनों स्कूलों की कक्षाओं में कोयले से राम मंदिर आंदोलन को प्रेरित करने वाले नारे, श्रीराम व राम मंदिर का चित्र, भारत माता का जंजीरों में जकड़ा चित्र, राम जानकी दरबार सहित अन्य चित्र उकेरे थे।
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राम मंदिर के लिए चलाए गए आंदोलन में प्रतिभाग करने का मुझे भी मौका मिला। संगठन के साथियों के साथ गांव-गांव जाकर लोगों में राम मंदिर बनाने की अलख जगाता था। अब जब भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है तो काफी खुशी है। जल्द ही पूरे परिवार के साथ अयोध्या जाऊंगा और रामलला के दर्शन करूंगा।-नवल किशोर सोनी
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राम मंदिर आंदोलन में यहां से हजारों कारसेवक अयोध्या पहुंचते थे। हम लोगों को जो भी कार्य सौंपे जाते थे, उसे पूरी गंभीरता से निभाते थे। आज जब मंदिर बन रहा है और प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है तो काफी खुशी हो रही है। अयोध्या में मंदिर और रामलला के दर्शन को जल्द ही जाऊंगा।- सुधांशु शेखर हुंडैत
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मंदिर आंदोलन के लिए साथियों के साथ गांव-गांव जाकर लोगों को प्रेरित करते थे। जिले से हजारों कारसेवक अयोध्या पहुंचते थे। अब मंदिर निर्माण का सपना साकार होने से मन में काफी खुशी है। जल्द ही अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करेंगे।-रामेश्वर मालवीय, कारसेवक
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