ललितपुर। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए परिवहन विभाग ने 16 केंद्र बनाकर रूट परमिट जारी करने की सुविधा दी है, लेकिन टैक्सी चालक मनमाने रूट पर चलाने से बाज नहीं आ रहे हैं। इन पर कार्रवाई न होने का ही नतीजा है कि टैक्सी चालक तय रुट पर टैक्सी परमिट के लिए आवेदन तक नहीं कर रहे हैं। ऐसे में यात्री मजबूरन ही डग्गामार वाहनों से जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हैं। अब विभाग बिना टैक्सी परमिट व अन्य रुट पर चलने वालों से सख्ती से निपटने की तैयारी कर रहा है।
जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात के साधनों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सफर करना मुश्किल हो रहा है। हालत यह है कि मुख्यालय आने के लिए कई वाहनों का सहारा लेकर पहुंचना पड़ता है। कई बार आधे से अधिक दिन मुख्यालय आने में ही बीत जाता है। इससे कई कार्य नहीं हो पाते हैं। देरी होने पर घर वापस नहीं पहुंच पाते हैं।ऐसे में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में यातायात के साधन मुहैया कराने के लिए परिवहन विभाग ने जिले के 16 विभिन्न स्थानों पर केंद्र बनाए गए थे। इन केंद्रों से 16 किलोमीटर की दूरी तक रुट तय किए गए थे। सुविधा से इन रुट पर बसों चलने के लिए परमिट की सुविधा की गई है। जिसके लिए टैक्सी चालकों से रुट परमिट लेने के लिए आवेदन मांगे गए थे।लेकिन चार माह बीतने के बाद भी अब तक एक भी टैक्सी चालक ने परमिट के लिए आवेदन नहीं किया है। कारण टैक्सी चालक परमिट न होने से मनमाने रुटों पर टैक्सी का संचालन कर रहे हैं। साथ ही तय दूरी से अधिक दूरी तक सफर करा रहे हैं। ऐसे में यह मनमानी सवारियों के साथ अधिक किराया भी वसूल रहे हैं। क्षमता से अधिक सवारियां बिठाने के बाद भी यातयात साधनों की कमी के चलते मजबूरन जान जोखिम में डालकर यात्रा करने के लिए मजबूर हैं। कई बार घटनाएं होने के बाद भी सबक नहीं ले रहे हैं।
अब विभाग ने टैक्सियों पर शिंकजा कसने की तैयारी शुरू कर ली है। कार्यालय में पंजीयन व नवीनीकरण को पहुंच रहे टैक्सी स्वामियों को तय रुट पर ही संचालित करने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही निवास के अलावा अन्य क्षेत्रों में संचालित करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके अलावा अब अभियान चलाकर सड़कों पर चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।
इन स्थानों को बनाया गया केंद्र
जिले में जिन क्षेत्रों में बसों का संचालन नहीं हो रहा है। उन स्थानों को टैक्सी सेंटर बनाया गया है। इनमें तालबेहट, जखौरा, तेरईफाटक, बांसी, पूराकलां, बिरधा, राजघाट, पाली, बालाबेहट, जाखलौन, महरौनी, मड़ावरा, बार, बानपुर, सौजना, नाराहट आदि हैं।
केंद्रों से यातायात की सुविधा को टैक्सी संचालित करने के लिए रुट परमिट को आवेदन मांगे गए थे, लेकिन एक भी आवदेन नहीं आया है। इस पर अब अन्य स्थानों पर टैक्सी चलते पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
- एसएल गौड़, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी