संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तहसील मड़ावरा में मिले रॉक फॉस्फेट को निकालने के लिए कंपनी ने प्रथम चरण का कार्य प्रारंभ नहीं किया। कंपनी को प्रथम चरण में ड्रिलिंग कर रॉक की गुणवत्ता व उपलब्धता की जानकारी करनी थी। कंपनी के कार्य प्रारंभ न करने के कारण इस पर आधारित कई निवेशकों के प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं।
सौंरई क्षेत्र में रॉक फॉस्फेट का भंडार भूगर्भ वैज्ञानिकों को वर्ष 2021 में मिला था, जोकि 221 हेक्टेयर क्षेत्र में है। यहां 16 लाख मिलियन टन रॉक फॉस्फेट होने का अनुमान है। इस क्षेत्र को भूतत्व खनिकर्म विभाग ने पांच खंडों में बांटकर तीन ब्लॉक बनाए थे। ब्लॉक एक और तीन को एक-एक खंड और ब्लॉक दो में तीन खंडों को शामिल किया गया था। तीनों ब्लॉकों से रॉक फॉस्फेट निकालने के लिए शासन ने ई-ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया अपनाई थी। तीनों ब्लॉक से रॉक फॉस्फेट निकालने के अधिकार मध्य प्रदेश की आरएमएचएचएम, एचएसएम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी व कृष्णालीला प्राइवेट इंडिया लिमिटेड कंपनी ने प्राप्त किए थे।
इसके बाद मड़ावरा क्षेत्र सहित जनपद के लोगों को रॉक फॉस्फेट निकाले जाने की उम्मीद जगी थी। ब्लॉक तीन से रॉक फॉस्फेट निकालने का अधिकार हासिल करने वाली मध्य प्रदेश के होशंगाबाद की एचएसएम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने मड़ावरा क्षेत्र में अपने कर्मचारियों और अधिकारियों संग डेरा जमाया था। इसके बाद कंपनी के कर्मचारी अधूरे में ही कार्य छोड़कर चले गए।
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सोना-प्लेटिनम और आयरन के दोहन की प्रक्रिया भी नहीं हुई शुरू
तहसील मड़ावरा के ही गिरार व इकौना क्षेत्र में सोना, प्लेटिनम और आयरन को निकालने के लिए शासन स्तर पर ई-ग्लोबल टेंडर प्रक्रिया कराई गई थी। जिस कंपनी के नाम पर निविदा निकली है, अभी तक उसने जनपद स्तर के अधिकारियों से संपर्क कर यहां कार्य प्रारंभ नहीं किया है।
मड़ावरा क्षेत्र में मिले रॉक फास्फेट के भंडार में ब्लॉक तीन से रॉक फॉस्फेट निकालने के लिए नामित की गई एमपी की कंपनी को कार्य प्रारंभ करना था, लेकिन कंपनी ने अभी तक कार्य प्रारंभ नहीं किया है। कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर जल्द कार्य प्रारंभ कराया जाएगा।
-अमितोष वर्मा, जिला खान अधिकारी