ललितपुर। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक कुमार पाराशर की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश, कुटुम्ब न्यायालय नंद प्रताप ओझा ने कुल 60 पारिवारिक मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया।
प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय के कुल 60 मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। जिसमें 10 मामलों में पक्षकारों को साथ-साथ भेजते हुए टूटते हुए परिवारों का पुन: मिलन कराया गया। साथ ही जोड़ों को जनपद न्यायाधीश एवं जिलाधिकारी के समक्ष आपसी माल्यार्पण कराकर मिष्ठान खिलाया गया, इसके साथ ही उन्हें एक पौधा भेंट किया। कहा गया कि इस पौधे को आपसी समंवय के साथ सींचकर बड़ा करें तथा पौधे की सही ढंग से देखभाल करने पर अगले वर्ष दंपती को सम्मानित भी किया जाएगा। कुछ मामले बहुत जटिल थे। परंतु जब पक्षकारों से वार्ता की, तो पक्षकार साथ-साथ रहने के लिए तैयार हुए। उन्होंने पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पौधे लगाकर ही पर्यावरण को संतुलित किया जा सकता है और ग्लोबल वार्मिंग को रोका जा सकता है। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि भेंट के रूप में पौधों का वितरण करना अनोखी पहल है, उन्होंने सराहना करते हुए इस पहल को बढ़ावा देने एवं आगामी लोक अदालतों में भी इसे अपनाने को कहा। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि जनपद में सभी कार्यक्रमों में बुके के स्थान पर एक पौधा भेंट करने को बढ़ावा दिया जाएगा, साथ ही जनपद में वृहद स्तर पर अभियान चलाकर पौधरोपण कराया जाएगा। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने कहा कि वृक्ष मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, बड़े शहरों में ऑक्सीजन लेवल लगातार घट रहा है, जिसे पौधे लगाकर ही संतुलित किया जा सकता है।