ललितपुर। सीजेएम न्यायालय से एक वकील ने रसीद चोरी करके फर्जी मुहर लगाकर एआरटीओ कार्यालय में जमा कर दिया। मामले की पोल तब खुली जब एआरटीओ कार्यालय ने रसीद का सत्यापन न्यायालय से कराया। मामले में सीजेएम कोर्ट के लिपिक की तहरीर पर वकील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सिविल जज जूनियर डिवीजन(फास्ट ट्रैक कोर्ट) में कनिष्ठ लिपिक अनिकेत कोष्टा ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि 24 अगस्त को अधिवक्ता प्रहलाद सिंह पुत्र सुरेश सिंह कार्यालय में राष्ट्रीय लोक अदालत (13 अगस्त 2022) के एमवी एक्ट के डिस्पोजल चालान की रसीद लेने के लिए आए थे। उसने जब 25 अगस्त को चालान बुक को में देखा तो एक खाली रसीद संख्या 254600 की अभियुक्त की प्रति गायब थी। यह रसीद अधिवक्ता ने चोरी से फाड़कर गायब कर दी।
अधिवक्ता ने रसीद एआरटीओ कार्यालय में जमा करने लिए दी। जिस पर एआरटीओ कार्यालय के बाबू जीशान ने रसीद का सत्यापन करने के लिए सीजेएम न्यायालय में नियुक्त अहलमद जयदेव सिंह से संपर्क किया। जिस पर बताया गया कि न्यायालय से कोई रसीद नहीं जारी की गई है। इसके बाद जब रसीदों का मिलान किया गया तो पता चला कि एआरटीओ में दी गई रसीद गायब है।
लिपिक ने बताया कि अधिवक्ता प्रहलाद सिंह ने चोरी से रसीद फाड़कर और फर्जी तरीके से सीजेएम के दस्तखत मुहर लगाकर एआरटीओ कार्यालय में दे दी। मामले की जानकारी सीजेएम और जिला न्यायाधीश को दी गई। जिला न्यायाधीश और सीजेएम के निर्देश पर कनिष्ठ लिपिक की तहरीर के आधार पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।