संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बांध पुनर्वास और सुधार योजना फेज-2 के तहत गोविंद सागर बांध के जीर्णोद्धार के लिए अब और इंतजार करना होगा। फेज-2 में टेक्निकल पेंच फंसने के बाद विश्व बैंक ने इसे फेज-3 में काम कराने की सूची में शामिल किया है।
गोविंद सागर बांध सबसे पुराने बांधों में शुमार है। यह बांध साइफन प्रणाली युक्त है। बांध के करीब 70 वर्ष से अधिक पुराना होने के कारण इसमें सिल्ट जमा हो गई है, इससे बांध में पूर्ण क्षमता से पानी नहीं भर पाता। कुछ वर्ष पूर्व विश्व बैंक की पुनर्वास और सुधार योजना फेज-2 के लिए गोविंद सागर बांध को चयनित किया गया था। इसके जीर्णोद्धार के लिए 18.88 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। विश्व बैंक 70 फीसदी और राज्य सरकार को 30 फीसदी धनराशि देना था। काम कराने के लिए विश्व बैंक से निविदा प्रक्रिया के लिए अनुमति मांगी गई, लेकिन विश्व बैंक की तकनीकी समिति के निरीक्षण में बांध पर अतिरिक्त स्पिल वे का निर्माण करने की जरूरत बताई।
सिंचाई विभाग ने विश्व बैंक की तकनीकी रिपोर्ट पर काम नहीं कराया। इस कारण यह प्रक्रिया वर्ष भर अटकी रही। इसके बाद सिंचाई विभाग ने शासन से मिली दो करोड़ रुपये की धनराशि लौटा दी थी। अब बांध पुनर्वास और सुधार योजना फेज-3 में गोविंद सागर बांध के जीर्णोद्धार का काम कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार फेज-3 का काम एक-दो वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है।
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यह काम कराए जाने थे
जीर्णोद्धार में बांध के मैनुअल गेटों का आधुनिकीकरण, बांध के अपस्ट्रीम में पिचिंग, कंक्रीट स्पिल वे निर्माण, सीपेज-लीकेज का कार्य, सोलर लाइट, डाउन स्ट्रीम का सुदृढ़ीकरण, पैराविट की मरम्मत, नहरों के गेटों पर सुरक्षा शेड लगाया जाना शामिल था। सुरक्षा ड्यूटी सहित निगरानी के लिए टाइप वन स्तर के आवासों का निर्माण कराया जाना शामिल है।
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विश्व बैंक और सिंचाई विभाग में फंसा पेंच
विश्व बैंक की तकनीकी समिति ने जब गोविंद सागर बांध का निरीक्षण किया था, तब यहां एक और स्पिल वे (गेट प्रणाली) की आवश्यकता पाई थी। सिंचाई विभाग ने बांध पर पूर्व से ही गेट व साइफन प्रणाली होने के कारण अतिरिक्त स्पिल-वे बनाने से इन्कार कर दिया था। इस कारण विश्व बैंक गोविंद सागर बांध के जीर्णोद्धार के लिए न तो अपने हिस्से की धनराशि दे रहा था और न ही निविदा प्रक्रिया को स्वीकृति दे रहा था।
फेज-2 के तहत गोविंद बांध का जीर्णोद्धार कराया जाना था, लेकिन कुछ कारणों के चलते विश्व बैंक से अनुमति नहीं मिल पाई थी। अब गोविंद सागर बांध का जीर्णोद्धार बांध पुनर्वास और सुधार योजना फेज-3 में कराया जाएगा।
इं. उमेश कुमार, अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्यमंडल ललितपुर