जखौरा/ललितपुर। शासन जहां सरकारी स्कूलों का कायाकल्प करवा रहा है। वहीं कस्बा जखौरा में स्थित प्राथमिक विद्यालय अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। 17 वर्ष पूर्व बनी स्कूल की इमारत के कमरों में सीलन आ गई है तो छतों से पानी टपकता है। इतना ही नहीं विद्यालय परिसर में चारों ओर गंदगी पसरी है। इसके चलते बच्चों सहित शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कस्बा जखौरा के दरवाजा मोहल्ला में प्राथमिक विद्यालय नंबर-2 है। विद्यालय की नई इमारत का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था। मौजूदा समय में इस विद्यालय में कुल 105 छात्र-छात्राओं का नामांकन है। शिक्षण कार्य के लिए दो शिक्षिकाएं और एक महिला शिक्षामित्र तैनात है।
करीब 17 वर्ष पुरानी विद्यालय की इमारत काफी खराब स्थिति में पहुंच चुकी है। हालत यहां तक है कि कक्षा के छतों में डाले गए गए लोहे के सरिया बाहर निकल आए हैं और पढाई के दौरान छत से गिट्टी के छोटे टुकड़े गिरते हैं। बजरी झड़ती रहती है। कक्षाओं की दीवारों में सीलन आ गई है।
वहीं स्कूल परिसर में एक हैंडपंप लगा है। जिसका प्रयोग स्कूली बच्चों के साथ साथ मोहल्लेवासी भी करते रहते हैं। जिस कारण से स्कूल के अंदर की नालियों और परिसर में पानी और गंदगी रहती है। ऐसा नहीं है कि विद्यालय की प्रधानाध्यापक ने इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी है। सूचना देने के बाद भी शिक्षा विभाग अनदेखी कर रहा है।
आंगनबाड़ी केंद्र की इमारत भी जर्जर
इस विद्यालय से सटी हुई आंगनबाड़ी केंद्र बना है। केंद्र भी काफी जर्जर हालत में पहुंच चुका है। इसकी छत से बालू झड़कर गिरती रहती है। जिससे यहां पंजीकृत छोटे-छोटे बच्चों की जान का जोखिम रहता है। इमारत की काफी समय से रंगाई-पुताई नहीं हुई है।
स्कूल की बिल्डिंग की हालत जर्जर स्थिति में होने की जानकारी विभाग को दे दी है। इसके साथ विद्यालय में लगे हैंडपंप पर मोहल्लेवासियों के पानी भरने के कारण गंदगी बनी रहती है।
कांति, प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय जखौरा