शासन- प्रशासन की योजनाओं और कार्रवाइयों से संबंधित सूचनाएं साझा करने के लिए निजी के अलावा सरकारी अधिकारियों के फेसबुक तथा व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। कुछ लोग ग्रुप के उद्देश्यों को धता बताते हुए आपत्तिजनक संदेश डाल रहे हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है। इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी जाति, धर्म से संबंधित अथवा अश्लील संदेश सामान्य अथवा आफीसर्स ग्रुप पर नहीं डालें जाएं, अन्यथा की स्थिति में संबंधित के खिलाफ इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (आईटी एक्ट) के तहत अभियोग पंजीकृत कराते हुए गुंडा एक्ट तथा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी।