झमाझम बारिश का विपरीत असर शादी विवाह समारोहों पर भी पड़ा । 7 जुलाई को शुभ विवाह मुहूर्त होने की वजह से काफी शादियां उक्त तिथि में तय थीं, लेकिन तीन दिन से हो रही लगातार बारिश ने इन समारोहों की खुशियों पर रंग में भंग डाल दिया। नदी, नाले उफान पर होने के कारण अनेक बारातें समय से अपने नहीं पहुंच सकीं और सुबह से ही नदी के पुलों की दोनों ओर अनेक बारातें घंटों तक जलस्तर कम होने के इंतजार में रुकी रहीं। वहीं, कन्यापक्ष के लोग भी बारात आने का बेसब्री से इंतजार करते रहे ।