मास्टर्स ट्रेनर्स को निर्धारित काउंटर से मतदान सामग्री प्राप्त करने को कहा गया। साथ ही जिस पोलिंग बूथ पर ड्यूटी लगाई गई है, उस बूथ से संबंधित मतदाता सूची व बैलेट पेपर प्राप्त करने को कहा गया। प्रशिक्षण सत्र में बताया गया कि पीठासीन अधिकारी जांच कर लें कि प्रत्येक मतपेटी सही हालत में है और आसानी से खुल व बंद हो जाती है। मतपेटी को खोलने व पेपर सील लगाने का भलीभांति अभ्यास कर लें। प्रशिक्षण के दौरान मतपेटी को तैयार किए जाने के लिए अधिकारी के कर्तव्यों के बारे में बताया गया। यह भी बताया कि मतदान के दिन मतदान केंद्र में किस - किस को प्रवेश को अधिकार होगा। चैलेंज वोट एवं टेंडर वोट के बारे में बताया गया। जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने कहा कि सभी अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें, ताकि जनपद में स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हो सके। प्रशिक्षण सत्र में उपजिलाधिकारी रमेश चंद्र, परियोजना निदेशक डीआरडीए सुरेश चंद्र मिश्र, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार नरेंद्र देव द्विवेदी, जिला सेवायोजन अधिकारी चंद्रचूर्ण दुबे, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी अरुण कुमार समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।