तालबेहट/बिजरौठा। क्षेत्र में करीब एक सप्ताह बाद नहरों में पानी छोड़ने की तैयारी है, लेकिन अब तक नहरों की सफाई नहीं हो सकी है। नहरों के बीच में कहीं झाड़ियां उग आईं हैं तो कहीं मिट्टी के टीले हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से नहरों की सफाई शीघ्र करवाने की मांग की। जिससे रबी की फसलों की समय से सिंचाई कर सकें।
किसानों का कहना है कि ठेकेदार नहरों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति करके चले जाते हैं। क्षेत्र में फसलों की सिंचाई के लिए नहरों का जाल बिछाया गया है। राजघाट बांध से निकली नहरों से बिजरौठा, दिगारा, खदरी, सेरवासकलां, पारा, गुलैदा, बनगुवाकलां, खांदी, म्यांव, मुकटौरा, थाना, कड़ेसराकलां, उदगुवां आदि गांवों में और शहजाद बांध से निकली नहरों से पूराबिरधा और पूराकलां क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलता है। लेकिन हर बार नहरों की सफाई ठीक से नहीं होने से पानी छोड़ते समय नहरें फट जाती हैं। जिससे फसलें प्रभावित होती हैं।
अब किसानों ने समय रहते नहरों की साफ सफाई कराने तथा उन्हें दुरुस्त करने के लिए डीएम समेत अन्य अधिकारियों से मांग की है।
- ठेकेदार अपने स्वार्थ के चलते नहर सफाई के नाम पर मात्र दिखावा करते हैं। सफाई की हकीकत कोई न जान सके, इसलिए नहर चालू होने के कुछ दिन पहले ही काम शुरू कराते हैं। जिससे बाद में किसानों को परेशानी होती है। - पप्पू कुशवाहा, दिगारा
- नहर की सफाई पर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं देेते हैं। इसके चलते ठेकेदार सफाई के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। जिसका खामियाजा नहर चालू होने के बाद किसानों को उठाना पड़ता है। - बाबू कुशवाहा, खदरी