नई दरों का टैरिफ कार्पोरेशन द्वारा लखनऊ से डाटा फीड होने के बाद दस जुलाई से बिलिंग कंपनियों को भेजा जाएगा। इसके आधार पर अब मीटर रीडर द्वारा मशीनों के माध्यम से नए टैरिफ के अनुसार बढ़ी दरों से बिजली के बिल उपभोक्ताओं को मुहैया कराए जाएंगे। हालांकि, यह बात और है कि शहर में ही करीब तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग ही नहीं ली जाती है, जबकि बहुत से उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके घर या प्रतिष्ठानों पर मीटर ही नहीं लगे हैं या फिर मीटर खराब हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा एक किलोवाट के संयोजन पर 155 यूनिट प्रति माह के हिसाब से बिल दिया जा रहा है। अब नई दरों के लागू होने से आम उपभोक्ताओं को 40 से 45 पैसे प्रति यूनिट अधिक खर्च करना होगा।