संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। लोकसभा चुनाव की शीघ्र घोषणा होने वाली है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने सभी राजनीतिक दलों से आचार संहिता के पालन के लिए होर्डिंग्स स्वयं हटाने को कहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि आचार संहिता लागू होते ही राजनीतिक दलों के होर्डिंग्स हटवा दें।
जिलाधिकारी ने आयोग से जारी 21 बिंदुओं की राजनीतिक दलों को विस्तृत जानकारी दी। कोई भी दल अथवा उम्मीदवार जातिगत, साम्प्रदायिक, धार्मिक घृणा नहीं फैलाएगा। प्रतिपक्ष की आलोचना एवं व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मुद्दों पर अनावश्यक बहस से बचेंगे। वोट मांगने के लिए चर्च, मंदिर, मठ, मस्जिद का उपयोग नहीं करेंगे। मतदान दिवस के 48 घंटे पूर्व अनिवार्य रूप से चुनाव प्रचार संबंधी सार्वजनिक बैठकें बंद कर देंगे। मतदाताओं को वाहनों से मतदान स्थलों तक नहीं ले जाएंगे। गृह स्वामी की अनुमति के बिना उसके भवन पर पार्टी का झंडा, बैनर, पोस्टर नहीं लगाएंगे और न ही उसकी दीवारों पर प्रचार संबंधी स्लोगन लिखेंगे। पार्टी उम्मीदवार अथवा उनके समर्थक अपने प्रतिपक्ष की मीटिंग, जुलूस, प्रचार में अनावश्यक अवरोध उत्पन्न नहीं करेंगे और न ही प्रतिपक्ष के पोस्टर, बैनर, झंडे इत्यादि नष्ट करेंगे। किसी भी तरह की रैली, रोड शो, बाइक रैली एवं नुक्कड़ सभा बिना अनुमति नहीं होगी। रिक्शा/वाहनों पर लाउडस्पीकर से प्रचार करने के अनुमति लेनी होगी।
मतदाताओं के फोटोयुक्त पहचान पत्र जबरन संग्रहीत करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मतदान अवधि के 48 घंटे पूर्व से मद्यपान करवाना अथवा उसका वितरण करना प्रतिबंधित रहेगा। मतदान केंद्र के निकट अथवा जहां यातायात बाधित होने की संभावना हो, ऐसे स्थलों पर पार्टी/उम्मीदवार अपने कैंप/टेंट नहीं लगाएंगे। मतदान के दिन कैंप पर कोई पोस्टर, बैनर, झंडा अथवा अन्य प्रचार-प्रसार सामग्री नहीं रखेंगे। सत्तारुढ़ पार्टी के मंत्रीगण अपने शासकीय भ्रमण को चुनाव प्रचार के साथ नहीं जोड़ सकेंगे। रेस्ट हाउस, डाक बंगला अथवा अन्य शासकीय भवनों का उपयोग चुनाव प्रचार में नहीं होगा। उम्मीदवारों को प्रतिदिन के व्यय का लेखा-जोखा देना होगा। चुनाव समाप्ति के बाद विजय जुलूस पर रोक रहेगी।