संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। बुधवार को हुई बूंदाबांदी के बाद बृहस्पतिवार को ठंड और बढ़ गई। जिसके चलते सुबह से ही लोगों के निजी अलाव जल उठे। वही सायंकाल सर्द हवाए चलने के कारण बाजार में पांच बजे के बाद सन्नाटा रहा। सुबह ग्यारह बजे तक कोहरा लगा रहा।
एक सप्ताह से पूरे क्षेत्र में सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए है। लोग सर्दी से परेशान है। प्रशासन ने विद्यालय बंद कर दिए है। प्रशासन द्वारा जलवाए जा रहे अलाव नाकाफी साबित हो रहे है। आलम यह है कि सुबह और सायंकाल सर्द हवाए चलने के कारण सुबह दस बजे के बाद ही सड़कों पर लोग नजर आते है। जबकि सायंकाल आसपास के गांवों को जोड़ने वाली सड़कों पर पांच बजे के बाद इक्का दक्का वाहन ही नजर आया।
एसडीएम ने किया अलावों एवं रैन बसेरा का औचक निरीक्षण
तालबेहट। राजस्व एवं नगर पंचायत द्वारा राहगीरों को सर्दी से राहत पहुंचाने के लिए किए गए प्रबंधों की हकीकत जानने के लिए उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव ने रात में नगर एवं आसपास के स्थानों पर जल रहे अलावों का औचक निरीक्षण किया।
उपजिलाधिकारी ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बने रैन बसेरा का औचक निरीक्षक किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कुछ कमियां नजर आने पर उन्हें मौके पर ही दूर करवाया। इसके बाद रेलवे स्टेशन, पूराकलां बस स्टैंड और पूराने बस स्टैंड पर जल रहे अलावों को देखा।
बच्चे और बुजुर्ग बाहर ने निकलें
तालबेहट। क्षेत्र में सर्दी के बचने के संंबंध में सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.विशाल पाठक से बताया कि सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहने,कान को ढ़क पर चले,गर्म भोजन करे और गर्म पानी से ही नहाए,बच्चे और बुजुर्ग किसी भी हालत में बाहर निकलने से बचें और रात में खाना हल्का लें और गर्म पानी पी कर सोएं।