गेहूं की सरकारी खरीद तमाम प्रयासों के बाद भी पटरी पर नहीं आ रही है। समितियों के गोदामों में गेहूं रखने की जगह नहीं है। इस कारण खरीद नहीं हो पा रही है। वहीं, गेहूं उठान तेजी से हो इसके लिए जिलाधिकारी ने भी निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके बाद भी खरीद पटरी पर नहीं आ रही है। गोदामों को खाली करने के लिए प्रतिदिन सौ ट्रक माल उतारने के निर्देश मिलने के बाद भी सिर्फ 34 ट्रक ही गेहूं का उतारा जा सका है। गेहूं की खरीद पटरी पर नहीं आ रही है। गेहूं के सहकारी समितियों के गोदाम भरे पड़े हैं, जिस कारण से गेहूं की खरीद नहीं हो पा रही है।