संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में विद्युत कनेक्शन न होने से मरीज व तीमारदार अव्यवस्थाओं से जूझ रहे हैं। मरीजों को वार्ड में पलंग तक नसीब नहीं हो पा रही है। निर्माण के चलते धूल व छतों से टपकते पानी में रहना पड़ रहा है। यही नहीं चोक पड़ी नालियों के खुलने से दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर हैं।
शनिवार को अमर उजाला की टीम ने मेडिकल कॉलेज की हकीकत परखी। मुख्यद्वार पर लोगों को उखड़ी सड़क से चलना तक मुश्किल हो रहा है। पर्चा बनवाने के लिए खुले चैंबर समस्या खड़ी कर रहे हैं। अंदर पहुंचे तो ओपीडी परिसर में मरम्मत कार्य के चलते धूल के गुबार उड़ रहे हैं।
पुरुष वार्ड में मरम्मत के चलते पलंग को गैलरी में डाल दिया गया है। एक छोर पर कूलर होने से कई मरीजों को हवा तक नहीं लग रही है। कई मरीज गमछा व कागज से हवा करते नजर आए। तीमारदारों ने बताया कि दिन हो या रात गर्मी से हाल बेहाल है। छत से पानी टपक रहा है। मरीज और तीमारदार पलंग को इधर-उधर कर लेटने को मजबूर हैं। महिला एवं बच्चा वार्ड में मरीजों को उपचार तो मिल रहा, लेकिन पलंग न मिलने से जमीन पर लेट रहे हैं।
महिला एवं सर्जिकल वार्ड मे भी मरीजों को समस्या है। भूतल पर स्थित महिला एवं सर्जिकल वार्ड में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां अंदर से लेकर बाहर तक गंदगी फैली है। बाहर निकलने पर गंदगी से उठती दुर्गंध से दिक्कत हो रही है। भूतल पर चोक नालियों से उठती दुर्गंध से दिक्कत हो रही है। सीटी स्कैन व एक्सरे जांच मार्ग में पड़ी निर्माण सामग्री से आवाजाही में दिक्कत हो रही है।