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जिला अस्पताल: नहीं सुधर रहे हालात, मरीजों को नहीं मिल रहा इलाज

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ललितपुर। शासन के कड़े निर्देश के बाद भी जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरती नजर नहीं आ रहीं है। आलम यह है अस्पताल में चिकित्सक समय से ओपीडी में नहीं बैठ रहे हैं। ओपीडी में उपचार की आस में पहुंच रहे मरीजों को इलाज की जगह मायूसी हाथ लग रही है। सोमवार को अस्पताल की ओपीडी में सुबह 10 बजे तक 12 में से केवल चार चिकित्सक ही नजर आए। जबकि मरीजों की कतारें ओपीडी के बाहर तक लगी थीं।
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जिले की बड़ी आबादी उपचार के लिए जिला अस्पताल पर निर्भर है। यहां प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार मरीज उपचार को पहुंचते हैं। लेकिन जिला अस्पताल प्रबंधन की लचर व्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। यहां पर ईएनटी चिकित्सक के स्थानांतरण के बाद से ओपीडी कक्ष पर ताला लटक रहा है। वहीं नेत्र रोग विशेषज्ञ समय से ओपीडी में नहीं बैठ रहे हैं। हालत यह है कि मरीजों को नेत्र रोग के इलाज की समस्या बढ़ गई है। यहीं नहीं सामान्य मर्ज के उपचार को फिजीशियन तक नहीं मिल पा रहे हे हैं।
सोमवार को अमर उजाला टीम ने अस्पताल का जायजा लिया तो हड्डी व जोड़ रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार की ओपीडी साढ़े दस बजे सूनी थी, मरीज बाहर बैठकर इंतजार करते नजर आए। वहीं हड्डी व जोड़ रोग विशेषज्ञ कौशलेंद्र कुमार मिश्रा की ओपीडी भी सूनी रही। एक अन्य हड्डी रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में ताला लटका रहा। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. पवन सूद का कक्ष सुबह साढ़े दस बजे तक बंद पड़ा था। इसके अलावा ईएनटी व नेत्र रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में भी ताला लटका रहा। हद तो तब हो गई, जब वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. आरपी सिंह का ओपीडी कक्ष दोपहर 12 बजे तक सूना पड़ा रहा। मरीज बाहर बैठकर इंतजार करते रहे। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश सेठ, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीबी सिंह, दंत रोग विशेषज्ञ चिकित्सक ओपीडी में उपचार करते नजर आए। ऐसे में सुबह से फिजीशियन व हड्डी का उपचार कराने आए मरीजों को दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। ऐसे में कई मरीज निजी अस्पतालों में उपचार कराने चले गए।
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रेडियोलॉजिस्ट हो गए गायब
जनपद में सरकारी अस्पतालों में इकलौती अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा जिला अस्पताल में है। यहां पर तैनात चिकित्सक की उदासीनता के चलते समुचित मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जो मरीज दोपहर 12 बजे आते हैं, उन्हें जांच के लिए दूसरे दिन बुलाया जाता है। ऐसे में कई गंभीर दर्द से कराह रहे मरीजों को परेेशान होना पड़ता है। सोमवार को सुबह दस बजे के बाद रेडियोलॉजिस्ट कक्ष से गायब हो गए। मरीज बाहर बैठकर इंतजार करते रहे। वह ग्यारह बजे तक जांच कक्ष में नहीं पहुंचे थे।
छोटे भाई को पांव में दर्द हो रहा था, जिसे दिखाने के लिए सुबह आठ बजे आ गए थे, दस बजे तक चिकित्सक नहीं आए हैं।- शहजाद खान
अल्ट्रासाउंड चिकित्सक ने आधा घंटे तक किया। इसके बाद डेढ़ घंटे से गायब हो गए हैं। अब पता नहीं जांच होगी या नहीं।- जयदेव यादव
पत्नी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आया हूं। लेकिन चिकित्सक नहीं मिलने से जांच नहीं हो पा रही है।- धर्मेंद्र
बुखार आने के चलते चिकित्सक को दिखाने के लिए आया था। दोपहर के 12 बज गए हैं, लेकिन चिकित्सक नहीं आए हैं।
- सीताराम
अस्पताल में दो फिजीशियन अवकाश पर चल रहे हैं। ईएनटी चिकित्सक का तबादला हो गया है। जल्द ही अवकाश पर गए चिकित्सक वापस आने पर मरीजों को उपचार सेवाएं मुहैया कराईं जाएंगी। - डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरुष
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