ललितपुर। जिला अस्पताल में मरीजों के उपचार व सुविधाओं में लगातार कमी होती जा रही है। नेत्र सर्जन के तबादले के बाद जालौन से प्रतिनियुक्ति पर आए चिकित्सक के मात्र तीन दिन आने से आंखों के ऑपरेशन में 55 प्रतिशत की कमी आई है। बीते वर्ष 2021 नवंबर से जनवरी 2022 तक 844 मोतियाबिंद समेत अन्य नेत्र की समस्या के ऑपरेशन किए गए थे। वहीं वर्ष 2022 में नवंबर से जनवरी 2023 तक महज 383 ऑपरेशन किए गए हैं।
जनपद में स्वास्थ्य सेवाएं लगातार बदतर होती जा रहीं हैं। यहां पर चिकित्सकों की कमी से लगातार उपचार की सुविधाएं सीमित होती जा रही हैं। ऐसे में मरीजों को इलाज के लिए बाहर महानगरों की ओर रुख करना पड़ता है। गरीब मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पाता है।
ऐसा ही हाल जिला अस्पताल का बना हुआ है। यहां पर ईएनटी चिकित्सक के स्थानांतरण के बाद से सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो गईं हैं। नाक, कान व गला का उपचार नहीं मिल रहा है। वहीं अब नेत्र के उपचार की सेवाएं भी चरमरा गईं हैं। यहां पर तैनात नेत्र चिकित्सक का तबादला कर दिया गया है। प्रतिनियुक्ति पर आए चिकित्सक डॉ. बृजेश वर्मा ने कार्यभार लिया। इसके बाद संशोधन में डॉ. वर्मा को हरदोई भेज दिया गया। इससे अस्पताल में नेत्र रोगियों के उपचार का संकट बढ़ गया है। वर्तमान में जालौन से डॉ. आरपी राजपूत को जिला अस्पताल ललितपुर में तीन दिन के लिए अटैच किया गया है। इससे अस्पताल में नेत्र उपचार की सेवाएं प्रभावित हो गईं हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार ऑपरेशन में भी कमी आई है।
ऑपरेशन की स्थिति
माह - वर्ष- 2021-22 - वर्ष-2022-23
नवंबर - 39 - 42
दिसंबर - 219 - 108
जनवरी - 586 - 233
कुल - 844 - 383
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अस्पताल में तैनात चिकित्सक के स्थानांतरण में संशोधन कर उन्हें हरदोई भेज दिया गया है। इससे वर्तमान में जालौन के नेत्र चिकित्सक को तीन दिन के लिए जिला अस्पताल में अटैच किया गया है। - राजेंद्र प्रसाद, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल पुरुष