ललितपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे विद्यालय अवधि मेंं अपने को सहज और सुरक्षित महसूस करें। इसके लिए सरकार ने विभिन्न स्तर की व्यवस्थाएं की हुई है। लेकिन जिले के करीब 28 विद्यालय ऐसे है जिनमें बाउंड्रीवाल नहीं बन सकी। इस कारण विद्यालय संचालन के दौरान आवारा मवेशी या जानवर आसपास भ्रमण करते रहते हैं।
जिले में 1354 परिषदीय व कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों को निजी विद्यालयों के समकक्ष खड़ा करने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प योजना शुरू की गई है। जिसके तहत 19 पैरामीटर पर विभिन्न कार्य कराए जा रहे है। इन पैरामीटर में ऐसे विद्यालय जिनमें बाउंड्रीवाल नहीं है वहां पर बनाया जाना शामिल हैं। बाउंड्रीवाल का निर्माण मनरेगा के अंतर्गत निर्मित कराया जाना था। लेकिन जिले के विभिन्न ब्लॉकों में अभी भी 28 विद्यालय ऐसे हैं, जिनमें बाउंड्रीवाल नहीं है। बाउंड्री विहीन विद्यालयों के ब्लॉकवार आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो बार क्षेत्र में तीन, बिरधा क्षेत्र में पांच, महरौनी क्षेत्र में 13, मड़ावरा में तीन, जखौरा में तीन और तालबेहट क्षेत्र में एक विद्यालय शामिल है। इन विद्यालयों में बाउंड्रीवाल न होने के कारण से विद्यालय संचालन के दौरान आवारा मवेशी या जानवर आसपास भ्रमण करते रहते हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक जहां चिंतित रहते हैं। हालांकि विभागीय अधिकारी इन विद्यालयों में जल्द से जल्द बाउंड्रीवाल निर्मित कराए जाने की बात कह रहे हैं।
कायाकल्प के तहत अधिकांश विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल बनाई जा चुकी है। जिन विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल नहीं बनी है, उनमें जल्द से जल्द बाउंड्रीवॉल निर्मित कराई जाएगी। - रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा