संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गर्मी के मौसम में लो वोल्टेज व अघोषित कटौती से निजात नहीं मिल सकेगी। कारण, ओवरलोड आठ बिजलीघरों के सापेक्ष केवल दो की ही क्षमता वृद्धि हो सकी है। छह बिजलीघरों पर आगे भी ओवरलोड की समस्या बनी रहेगी।
घरों में एसी, कूलर, पंखा व फ्रिज जैसे उपकरणों के इस्तेमाल से बिजलीघरों पर लोड बढ़ जाता है। इससे फाल्ट, ट्रिपिंग व सीटी ब्लास्ट होने जैसी समस्या के चलते आपूर्ति ठप हो जाती है। कई बार तो ट्रांसफार्मर तक जल जाते हैं। इसका खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। इस बार विभाग ने आठ बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव भेजा था, जिसे स्वीकृति भी मिल गई थी। इन बिजली घरों पर रखे पांच-पांच एमवीए के ट्रांसफार्मरों को बदलकर दस-दस एमवीए के रखे जाने थे। लेकिन, गर्मी का मौसम शुरू होने के बावजूद अब तक आठ में केवल दो बिजलीघर गल्ला मंडी द्वितीय व तालबेहट में ही ट्रांसफार्मर बदले गए हैं। छह बिजलीघर जस के तस हैं। ऐसे में इस बार भी सुचारु रूप से विद्युत आपूर्ति की उम्मीद नहीं है।
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इन बिजलीघरों की नहीं हो सकी क्षमता वृद्धि
- गल्ला मंडी प्रथम, जखौरा, पूराकलां, बांसी, बंगरिया, पूराकलां आदि बिजलीघरों की क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी है। इससे ओवरलोड की समस्या बनी रहेगी।
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आठ में दो बिजलीघरों पर उच्च क्षमता के ट्रांसफार्मर रखे गए हैं। अप्रैल में ट्रांसफार्मर प्राप्त होने पर छह और बिजलीघरों की क्षमता बढ़ा दी जाएगी।
- संजय सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग