ललितपुर। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत ग्राम पंचायतों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (एसएलडब्लूएम) योजना में वर्ष 2022-23 में 23 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया था। इन ग्राम पंचायतों में 10 करोड़ 66 लाख रुपये भेज गया था, लेकिन यह धनराशि शत-प्रतिशत खर्च नहीं की जा सकी, जिसके चलते शासन ने अब इस धनराशि को 15 जनवरी तक वापस मांगा है। इन 23 ग्राम पंचायतों में करीब एक करोड़ 57 लाख रुपया बचा हुआ है।
ग्रामीण इलाकों में पंचायती राज विभाग ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन योजना का संचालन किया जा रहा है। वर्ष 2022 से संचालित इस योजना में 266 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। दो फेज में यह योजना संचालित की जा रही है। प्रथम फेज में 23 ग्राम पंचायतों के 50 राजस्व ग्राम इस योजना में शामिल किए गए। शासन ने ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्य संपादित करने के लिए 10 करोड़ 66 लाख रुपये निर्गत किए, लेकिन दूसरा वित्तीय वर्ष समाप्ति की तरफ है और प्रथम चरण में चयनित ये ग्राम पंचायतें पूरी धनराशि खर्च नहीं कर सकी हैं। मिशन निदेशक राजकुमार ने ऐसी ग्राम पंचायतें जिन्होंने अपनी धनराशि खर्च नहीं की हैं, उन्हें 15 जनवरी का अंतिम अवसर दिया है। इसके बाद उस धनराशि को शासन वापस ले लेगा।
ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत प्रथम चरण में 23 ग्राम पंचायतों को धनराशि जारी की गई थी, जो कि खर्च नहीं हो पाईं। इन सभी ग्राम पंचायतों को 15 जनवरी तक का अवसर दिया गया है। इसके बाद अवशेष धनराशि शासन में वापस भेज दी जाएगी।
नवीन मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी।