ललितपुर। पाली में किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म मामले में आरोपी विचाराधीन कैदी राजभान पुत्र दयाली की जिला कारागार में फांसी लगाने से मौत के मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी। जेल अधीक्षक ने इसके लिए जिलाधिकारी एवं जिलाधिकारी ने जनपद न्यायाधीश को पत्र भेजा गया है।
पाली थाना परिसर में एक कमरे में सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के साथ थानेदार पर ही दुष्कर्म किए जाने के आरोप लगे थे। इस मामले में सात माह पहले तीन मई 2022 को थाना पाली में तत्कालीन थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज एवं सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी चंदन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया एवं षड़यंत्र में शामिल पीड़िता की मौसी के खिलाफ सुसंगत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इसके बाद अगले ही दिन थानेदार को प्रयागराज एवं अन्य पांचों आरोपियों राजभान, महेंद्र चौरसिया, हरीशंकर एवं चंदन अहिरवार को पाली पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद इस मामले की जांच एसआईआईटी को सौंप दी गई थी। एसआईटी ने उक्त छह आरोपियों के अलावा प्रकाश में आए सात अन्य आरोपियों अशोक सोनी, हरीराम सोनी, रामनरेश एवं सिपाही सुनील कुमार, ज्ञानबाई, धर्मेंद्र अहिरवार एवं महेंद्र अहिरवार के खिलाफ भी आरोप पत्र न्यायालय में पेश करके सभी को जेल भेज दिया था।
बीते रोज शुक्रवार को सुबह उक्त मामले में जिला कारागार में प्रार्थना के दौरान विचाराधीन बंदी राजभान ने दूसरी मंजिल की बैरिक को जाने वाली सीढ़ियों की रैलिंग के एंगल पर मफलर से फांसी लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर न्यायिक मजिस्ट्रेट से जांच कराए जाने की मांग की है। इस मामले में एसडीएम सदर मोहम्मद अवेश ने बताया कि उक्त मामले में जिलाधिकारी के पत्राचार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा नामित न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच की जाएगी।