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Lalitpur News: अब जिला अस्पताल में मिल सकेंगे रक्त के अलग-अलग तत्व

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को अब रक्त के अलग-अलग तत्वों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। यहां के रक्तकोष में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट चालू हो गई है, जिसमें रक्त के चार तत्वों को अलग किया जा रहा है।
अब तक ब्लड के अलग-अलग तत्व चढ़ाए जाने की स्थिति में मरीजों को मेडिकल कॉलेज झांसी या मध्यप्रदेश के सागर व भोपाल आदि जाना पड़ रहा था, जहां अधिक दाम लगने के साथ आने-जाने में दिक्कत होती थी। निर्धन तबके के मरीजों को यह भारी पड़ता था। कई मरीज उपचार तक नहीं करा पा रहे थे। शासन ने स्थानीय स्तर पर ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की सुविधा दी थी, जो एनओसी के अभाव में शुरू नहीं हो पा रही थी। बीते सप्ताह जिला अस्पताल स्थित रक्तकोष में स्थापित ब्लड कंपोनेंट यूनिट को प्रमाण पत्र मिल गया। अब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इसे चालू करा दिया है।
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ब्लड कंपोनेंट मशीन खून में शामिल तत्वों को अलग करेगी
पैथोलॉजिस्ट डॉ. एमएस राजपूत ने बताया कि ब्लड में चार कंपोनेंट होते हैं, इसमें रेड ब्लड सेल (आरबीसी), प्लाज्मा, प्लेटलेट्स और क्रायोप्रेसीपिटेट शामिल हैं। कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट चारों तत्वों को अलग करती है। डेंगू के मरीजों को प्लेटलेट्स, लीवर व बर्न को मरीजों को प्लाज्मा की जरूरत होती है। एनीमिया व थैलीसीमिया के मरीजों को आरबीसी, हीमोफीलिया के मरीजों को क्रायोप्रेसीपिटेट दिया जाता है। मरीजों को एक यूनिट रक्त चढ़ाने की जगह आवश्यक तत्व ही दिए जाते हैं। एक यूनिट से चार अलग-अलग मरीजों की जरूरत पूरी हो सकेगी।
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कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को बीते सप्ताह बीसीएसयू लाइसेंस मिल गया था। अब कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को चालू कर दिया है। मरीजों को जरूरी तत्व उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
- डॉ. एमएस राजपूत, ब्लड बैंक प्रभारी, जिला अस्पताल
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ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को चालू करा दिया गया है। अब मरीजों को रक्तकोष से ही अलग-अलग तत्व मिल सकेंगे।
- डॉ. द्विजेंद्र नाथ, प्राचार्य, स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय
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