छब्बीस वार्डों वाली नगर पालिका परिषद के अंतर्गत आधा दर्जन प्रमुख मार्ग तो वहीं दो दर्जन से अधिक छोटे मार्ग हैं जहां पर विज्ञापन के होर्डिंग लगाए जाते हैं। शादी, समारोह से लेकर बड़ी-बड़ी कंपनियों के लगने वाले होर्डिंग में ठेकेदार लाखों रुपए प्रतिमाह वसूलते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि ठेकेदार ठेका लेने के बाद अपनी छोटी साइडों (कम) को छोटे-छोटे ठेकेदारों को किराये पर दे देते हैं। इनसे भी लाखों रुपया वसूला जाता है। ठेकेदारों ने अपनी मर्जी के मुताबिक सरकारी भवनों के साथ प्राइवेट मकानों पर एंगिल लगा रखे हैं। नगर में करीब पांच सैकड़ा से अधिक होर्डिंग नियमों को ताक पर रखकर लगे हुए हैं। नियम के हिसाब से पटरी छोड़कर विज्ञापन लगाया जाना चाहिए, लेकिन नगर में पटरी तो छोडिए रोड के बीच में लगे विद्युत पोलों में भी प्रचार की सामग्री लगाई जा रही है। यह सामग्री वाहन चालकों के लिए भी परेशानी खड़ी करती है। इसके बाद भी ठेकेदारों पर अंकुश लगाने काम नहीं करते हैं। हैरानी की बात तो यह है कि 1976 से ठेकेदारों से पांच रुपए वर्ग फुट के हिसाब से किराया लिया जाता है, जबकि ठेकेदार तीन हजार से लेकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह विभिन्न साइज में एक होर्डिंग लगाने का काम करते हैं। नगर पालिका कर्मचारियों व ठेकेदारों के बीच मिलीभगत से होने वाले कार्य में नपा को ही प्रतिवर्ष लाखों रुपए का चूना लगाया जा रहा है।