फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: रेलवे की तीसरी लाइन के चाहिए पुरातत्व विभाग की एनओसी

विज्ञापन
विज्ञापन
- धौर्रा क्षेत्र के चांदपुर-जहाजपुर में करीब तीन किलोमीटर लंबा भूमि का हिस्सा है पुरातत्व विभाग के अधीन
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रेलवे की तीसरी लाइन बिछाने का कार्य जाखलौन तक पूरा हो चुका है और इस पर से ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो चुका है। जाखलौन से बीना जंक्शन को जोड़ने वाली लाइन का कार्य धार्मिक पुरातत्व की भूमि के कारण अटका हुआ है। इस रेल मार्ग को धौर्रा क्षेत्र के प्राचीन चांदपुर-जहाजपुर से होकर गुजरना है। करीब तीन किलोमीटर लंबा भूमि का हिस्सा पुरातत्व विभाग के अधीन है। पुरातत्व विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने के कारण रुका हुआ है। वहीं, रेलवे विभाग पुरातत्व विभाग से जल्द ही अनापत्ति प्रमाण पत्र मिल जाने का दावा कर रहा है।
जनपद से होकर गुजरा दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग सबसे व्यस्ततम रेल मार्गों में शामिल है। इस रेल मार्ग पर बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन होता है। इस ट्रैक पर ऑटोमेटिक सिग्नल प्रणाली से ट्रैक की क्षमता बढ़ाई गई थी। लेकिन यह भी कम पड़ गई थी। इसके चलते तीसरी लाइन का निर्माण कार्य करीब 3-4 वर्ष पूर्व शुरू किया गया। जनपद की रेलवे सीमा झांसी की ओर माताटीला सेक्शन पर बेतवा नदी पर बने पुल के खंभा नंबर 1085 से शुरू होकर बीना की ओर धौर्रा सेक्शन पर नारायणी नदी पुल के पास खंभा नंरि 1007 तक है। जनपद में यह ट्रैक करीब 78 किलोमीटर है। जनपद की सीमा में 78 किलोमीटर क्षेत्र में तीसरी लाइन को बिछाने का कार्य किया गया। वर्तमान में झांसी से जाखलौन तक तीसरी लाइन निर्मित हो चुकी है और इस पर से ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो चुका है। लेकिन जाखलौन से बीना जंक्शन को जोड़ने वाली लाइन पर करीब 2-3 किलोमीटर का कार्य अटका हुआ है।
विज्ञापन


नारायणी नदी का पुल हुआ निर्मित, सीआरएस की जांच बाद होगा चालू
जनपद में बीना की ओर जाने वाले रेल मार्ग पर धौर्रा-मुहासा के बीच से नारायणी नदी बहती है। इस पर रेलवे का दो लाइन का पुल बना हुआ है। लेकिन तीसरी लाइन बिछाने जाने पर इस नदी पर एक पुल का निर्माण कराया गया। वर्तमान में यह पुल बनकर तैयार हो गया है और इस पर से ट्रेन का संचालन करने के लिए सीआरएस (चीफ रेलवे सेफ्टी ऑफीसर) की जांच होना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह जांच जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। सीआरएस से हरी झंडी मिलने के बाद इस पुल से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन

-
तीसरी लाइन बिछाने का कार्य अंतिम चरणों में चल रहा है। दिसंबर अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जनपद में तीसरी लाइन बिछाई जाखलौन तक बिछाई जा चुकी है और उस पर ट्रेनों का संचालन भी शुरू हो गया है। धौर्रा के पास करीब 2-3 किलोमीटर का कार्य अभी अटका है।इसका कारण यहां पर धार्मिक पुरातत्व की भूमि का होना है। इसके लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उम्मीद है कि इसका हल जल्द ही निकल आएगा।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ डीआरएम झांसी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें