संवाद न्यूज एजेंसी
जाखलौन-ललितपुर। धौर्रा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है, जबकि यहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग मध्यप्रदेश व जनपद मुख्यालय के लिए सफर करते हैं। स्टेशन पर पानी न होने से यात्रियों को खासी असुविधा हो रही है। लेकिन रेलवे प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है।
बीना की ओर धौर्रा स्टेशन जनपद मुख्यालय का आखिरी रेलवे स्टेशन है। धौर्रा से बीना की ओर सड़क मार्ग सही न होने के कारण इस रेलवे स्टेशन का महत्व बढ़ जाता है। यहां से सैकड़ों लोग बीना व ललितपुर की ओर प्रतिदिन सफर करते हैं। अप डाउन मिलाकर छह ट्रेनों का स्टॉपेज है। स्टेशन पर पीने के पानी कोई व्यवस्था नहीं है। विगत दिवस तो लोग यह देखकर दंग रह गए, जब एक बच्चा प्यास से तड़प रहा था। उसे कहीं पानी नहीं मिला तो निर्माण कार्य के ठेकेदार की टंकी में जो गंदा पानी भरा था, उसे बोतल में भरकर उसकी मां बच्चे को पिलाने लगी। ऐसे प्रकरण आए दिन देखने को मिलते हैं। वह महिला मेमो में सफर कर रही थी, इस ट्रेन में पैंट्री कार भी उपलब्ध नहीं है। मजबूरी में उसे गंदा पानी भरना पड़ा। यात्री कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन यहां पानी के लिए कोई भी स्टैंड पोल नहीं लगाए गए हैं।