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पहले भी होटलों में हुई आत्महत्याएं, अधिकांश में नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे

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ललितपुर। शहर के होटल और लॉज में सुरक्षा इंतजाम और रुकने वालों के रिकॉर्ड की प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है। होटलों में न तो सीसीटीवी लगे हैं और न ही रुकने वालों का सत्यापन किया जाता है। वहीं तमाम होटलों में अनैतिक कार्य चलते हैं। पहले भी शहर के कई होटलों व लॉज में फांसी लगाकर आत्महत्या करने और अन्य अनैतिक कार्य होने के मामले सामने आए हैं, लेकिन पुलिस कुछ नहीं करती।
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शहर में करीब 30 से ज्यादा होटल और लॉज हैं। इनमें से कई में गलत काम होते हैं। पहले भी लोग आत्महत्या कर चुके हैं। साथ ही होटलों में दुष्कर्म के मामले भी सामने आए हैं। करीब एक वर्ष पहले मध्य प्रदेश के जिला भिंड के थाना फूप के ग्राम भीमपुरा निवासी अरविंद सिंह राठौर पुत्र जगदीश प्रसाद राठौर 13 जुलाई को देवगढ़ मार्ग स्थित एक होटल में ठहरने आया था। जिसमें दो दिनों से उसका कमरा लगातार बंद होने के बाद 17 जुलाई 2021 की शाम को उसका शव कमरे में रस्सी से फांसी के फंदे पर लटकता मिला था। उसके पास मिले सुसाइड नोट में उसने खुद को सीआरपीएफ जवान बताया था और उसने अपनी मौत का जिम्मेदार खुद को बताया था।
वहीं बीते डेढ़ वर्ष पहले राजघाट रोड स्थित एक होटल में भी बाहरी जनपद के युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। उसके पास से कुछ दवाएं भी मिली थीं। वहीं रेलवे स्टेशन के पास स्थित कुछ होटल में अनैतिक कार्यों के होने के मामले भी सामने आ चुके हैं। आठ वर्ष पहले एक होटल में ठहरे युवक युवती के आपत्तिजनक स्थिति में पाए जाने पर पुलिस की छापामारी में युवती होटल की छत से कूद गई थी, जिससे उसके पैरों में गंभीर चोटें आई थीं। ग्यारह माह पहले सपा व बसपा जिलाध्यक्ष समेत 28 आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की थी, जिनका मामला न्यायालय में चल रहा है। मामले में भी सपा नेता ने किशोरी के साथ स्टेशन के पास स्थित एक होटल में सामूहिक दुष्कर्म किया था, जिसका जिक्र पुलिस में दर्ज रिपोर्ट में किया गया था।
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शहर में होटलों में इतनी घटनाएं होने के बाद भी अधिकांश होटलों में सीसीटीवी नहीं लगाए गए हैं। जिसके चलते आपराधिक या आत्महत्या जैसी घटनाएं होने पर इन मामलों में पुलिस की जांच शिथिल पड़ जाती है। यही नहीं कई बार होटलों व लॉज में चोरी या मारपीट जैसी घटनाएं होने पर पुलिस को वास्तविकता का पता लगाने में काफी दिक्कत होती है, लेकिन होटल संचालकों द्वारा सीसीटीवी लगवाने से परहेज किया जाता है, जो पुलिस की जांच में अक्सर बाधा बनती है।
एसपी ने की थी अपील
शहर में चोरी व अन्य आपराधिक घटनाओं के खुलासे में सीसीटीवी की अहम भूमिका होने के चलते बीते तीन माह पहले तत्कालीन पुलिस अधीक्षक ने होटल व दुकानों के संचालकों से हर चौकी क्षेत्र के अंतर्गत अधिक से अधिक सीसीटीवी लगवाए जाने की अपील की थी, ताकि उस क्षेत्र में सीसीटीवी की जांच कर वास्तविक घटना की जानकारी का पता लगाया जा सके।
सीसीटीवी होते तो मिल जाती जानकारी
ललितपुर। झांसी के नगरा निवासी उदय बाजपेयी ललितपुर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित लॉज मेें बृहस्पतिवार की रात को आया था और उसने दो दिन के लिए होटल बुक किया था। वह शुक्रवार को दोपहर में लॉज से कुछ समय के लिए बाहर भी गया और वह फिर अंदर चला गया। जब होटल स्वामी ने उससे समय पूरा होने की बात की तो उसने उसे दो दिन रुकने और रुपये जमा करने की बात भी बताई थी। अगले दिन शनिवार को सुबह उसका शव लॉज के कमरे में लटका मिला, तो उसके गले में नई रस्सी का फांसी का फंदा लगा था। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि वह शुक्रवार को जब लॉज से कुछ समय के लिए बाहर गया होगा तो रस्सी खरीदकर लाया होगा। यदि लॉज में सीसीटीवी कैमरे लगे होते तो उसकी गतिविधि पर नजर भी रखी जा सकती थी।
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