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बासी तालाब रकवा से नौ गुना क्षेत्र में है जलभराव, रबी की बुवाई को भटक रहे किसान

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बांसी/ललितपुर। कस्बा स्थित तालाब रकवे से नौ गुना क्षेत्र में जलभराव होने से किसान परेशान हैं। तालाब से अधिक क्षेत्र में जलभराव होने से जहां खरीफ की फसल जलमग्न हो गईं थीं, जिससे किसान पूरी तरह बर्बाद हो गए थे, वहीं पानी खाली न होने से रबी की फसल की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं। समस्या के निराकरण के लिए अधिकारियों के कार्यालयों में भटक रहे हैं, इसके बाद भी जलनिकासी नहीं हो पा रही है।
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कस्बा स्थित बड़े तालाब का रकवा 16 एकड़ व मन तालाब का रकवा छह एकड़ है। लेकिन बीते कुछ माह में हुई बारिश से तालाबों का जलस्तर बढ़ गया। इनकी निकासी वाले स्थानों पर मिट्टी व पत्थर पड़े होने से पानी नहीं निकल सका है। इससे कई गुना क्षेत्र में पानी जमा हो गया। इससे किसानों की खरीफ की फसल पूरी तरह से डूब गई। पानी निकलने पर फसल बचने की उम्मीद लगाई, लेकिन निकासी न होने से फसलें कई दिनों तक जलमग्न होने से सड़कर नष्ट हो गईं।
अब रबी की फसल की बुवाई का सीजन शुरू हो गया है, लेकिन तालाब के पानी का फैलाव निकासी न होने से कम नहीं हुआ है। वर्तमान में बड़ा तालाब 16 एकड़ की अपेक्षा 150 एकड़ में भरा हुआ है। वहीं मन तालाब भी छह एकड़ के सापेक्ष 50 एकड़ में भरा हुआ है। ऐसे में दोनों तालाबों में लगभग 175 एकड़ किसानों की कृषि भूमि डूबी हुई है। ऐसे में किसानों को बुवाई करने की चिंता सता रही है। इसको लेकर किसान लगातार ब्लॉक व तहसील स्तरीय अधिकारियों के कार्यालयों में चक्कर लग रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का निदान नहीं हो सका है। ऐसे में किसानों में भारी रोष पनप रहा है। किसानों का कहना है कि रोजीरोटी व परिवार के पालन पोषण का संकट सता रहा है। फसल नहीं बो पाएंगे तो भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।
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तालाब के रकवा से अधिक जलभराव से कृषि भूमि डूबी है, अधिकारियों की लापरवाही से रवि की बुआई नहीं हो पा रही है। - सुरेश बरसैंयां
तालाब हद से अधिक जलभराव को शीध्र ही खाली कराया जाए, जिससे हम सभी किसान अपनी भूमि में खेती कर सकें। - रतिराम कुशवाहा
दो माह तालाबों का कुल रकवा 22 एकड़ है, लेकिन 200 एकड़ में जलभराव होने से खेती नहीं कर पा रहे हैं। - रामलला गोस्वामी
बारिश में मूंग की फसल डूबकर नष्ट होकर बर्बाद हो गई थी, अब रबी की बुआई न हुई तो भूखे मरने की नौबत आ जाएगी। - रामसिंह कुशवाहा बांसी
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