ललितपुर/बांसी। निर्यापक श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ससंघ का सोमवार सुबह बांसी नगर में मंगल प्रवेश हुआ। स्वयंसेवकों ने दिव्यघोष के साथ मुनि श्री की अगवानी की। श्रद्धालुओं ने घर के दरवाजे पर रंगोली सजाकर मुनिश्री का पाद प्रक्षालन किया और आरती उतारी।
मुनि सुधा सागर महाराज का अपने संघस्थ पूज्य सागर महाराज, ऐलक धैर्यसागर महाराज एवं क्षुल्लक गंभीर सागर महाराज के साथ सुबह गांव भौरसिल से पद विहार हुआ। उनके साथ सैकड़ों की संख्या में श्रावक श्राविकाएं चल रहे थे। जैसे ही मुनिश्री का नगर की सीमा में प्रवेश हुआ, तो श्रद्धालु जयकारे लगाने लगे। जैन मंदिर पहुंचने पर मुनिश्री की जैन समाज के पदाधिकारियों एवं श्रावकों ने पाद प्रक्षालन कर आरती उतारी और आशीर्वाद लिया। मुनिश्री ने नगर के प्राचीन जैन मंदिर में चमत्कारिक पार्श्वनाथ भगवान की मनोज्ञ प्रतिमा के दर्शन किए।
प्रभु के चरणों में ही जीवन का कल्याण: मुनि सुधा सागर
मंदिर प्रांगण में श्रमण मुनि सुधासागर महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रभु के चरणों में सर्वस्व न्योछावर करने में ही जीवन का कल्याण है। उन्होंनेे कहा कि जैसे हम जीवन में कुछ पाने के लिए सब कुछ दांव पर लगाते हैं, वैसे ही प्रभु की भक्ति में करना चाहिए। धर्मसभा के पूर्व बांसी जैन समाज ने मुनि श्री को श्रीफल अर्पित कर आगामी नौ दिसंबर से होने वाले पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में सानिध्यता एवं मार्गदर्शन के लिए आशीर्वाद ग्रहण किया। जैन पंचायत अध्यक्ष अनिल जैन अंचल ने बताया कि बांसी का महामहोत्सव अपूर्व और अभूतपूर्व होगा। संचालन पं0 आलोक मोदी ने किया।