ललितपुर। डेढ़ वर्ष पहले चार जनवरी 2020 को कोचिंग के लिए निकली बारहवीं की छात्रा का शव गोविंद सागर बांध में उतराता मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद महत्वपूर्ण बिंदुओं को दर्शाते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भी मुस्कान की मौत का राज नहीं खुल सका है। अब पुलिस ने नए सिरे से मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्रा का मोबाइल लैब में जांच के लिए भेजा है। मोबाइल में डाटा मिल जाता है तो मुस्कान की मौत हो राज खुल सकता है।
शहर के मोहल्ला बड़ापुरा निवासी मुस्कान (18) पुत्री किरन रजक कक्षा बारहवीं की छात्रा थी। चार जनवरी 2020 को वह सुबह करीब सात बजे वह जेल चौराहा के पास मोहल्ला घुसयाना में अंग्रेजी की कोचिंग के लिए निकली थी। इस दिन उसका अर्द्धवार्षिक परीक्षा का गणित का पेपर था।
लेकिन कोचिंग से वह काफी देर तक नहीं लौटी तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। उसकी कोचिंग में जाकर पता किया, सहेलियों से पूछा, जिस पर पता चला कि वह कोचिंग गई ही नहीं थी। कुछ ही समय बाद पुलिस व विद्यालय से फोन आया कि उनकी बेटी गोविंद सागर बांध में बेहोश पड़ी है।
परिजनों ने वहां जाकर देखा तो मुस्कान का स्कूल का बैग कंधे पर टंगा था और मोबाइल व गले का मफलर उसके पास नहीं था। पुलिस छात्रा को लेकर जिला अस्पताल गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद उसका पोस्टमार्टम कराया। वहीं परिजनों ने उसकी हत्या की आशंका जताते हुए घंटाघर पर प्रदर्शन भी किया था और पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी।
पोस्टमार्टम होने के बाद भी पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की और परिजन कई दिनों तक भटकते रहे। करीब सात माह पहले मृतका के पिता की तहरीर पर एसपी निखिल पाठक के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों समय नामदेव, नितिन गुप्ता, बृजेंद्र कुशवाहा एवं शिवम ताम्रकार के खिलाफ संदेह के आधार पर हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस अब तक मुस्कान की मौत का राज नहीं खोल सकी है। कोतवाली पुलिस ने फिर से नए सिरे से मामले में जांच शुरू कर दी है और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाना शुरू कर दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए थे सवाल
मृतक के पिता ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुस्कान की मौत पानी में डूबने से हुई। जबकि जहां उसकी बेटी का शव मिला था, वहां पानी कम था, तो इतने कम पानी में डूबने से उसकी मौत कैसे हो सकती है। छात्रा के शव का पोस्टमार्टम चार जनवरी 2020 को हुआ था, जबकि मृतका का शव अस्पताल में लाने का समय व दिनांक 24 जनवरी 2020 को सुबह ग्यारह बजे बताया। जब उसकी बेटी का शव गोविंद सागर बांध पर मिला, तो उस समय मृतका का मुंह व आंखे खुले थे और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उन्हें बंद बताया गया है।
मुस्कान की मौत के मामले में जांच की जा रही है। महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। घटना स्थल का भी निरीक्षण किया है। उम्मीद है साक्ष्य मिलने के बाद जल्द ही मौत से राज खुल सकेगा।
अभय नारायण राय, सीओ सिटी