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मनरेगा योजना में मस्टरोल बनाने का पंचायतों को मिलेगा अधिकार, विभाग ने तैयारी की शुरू

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ललितपुर। मनरेगा योजना के तहत अब ग्राम पंचायतों में ही मस्टररोल तैयार किया जाएगा। मस्टररोल तैयार करने से लेकर फीडिंग तक का काम रोजगार सेवक करेंगे। इसके लिए मनरेगा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही इसको लेकर ग्राम पंचायतों में तैनात रोजगार सेवकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए यह कदम उठा रही है।
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मनरेगा योजना के कार्यों के संचालन के लिए वर्तमान में मस्टररोल बनाने का काम अभी तक ब्लॉक स्तर पर किया जाता है। जिससे ग्राम पंचायतों में संचालित होने वाली योजनाओं में समय लगता है और यह लंबित होती हैं। शासन ने प्रदेश के कई जनपदों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ग्राम पंचायतों से मनरेगा का मस्टररोल तैयार और फीड़ कराया गया था। जिसके परिणाम सकारात्मक रहे और ग्राम पंचायतों के काम में काफी तेजी आई। इस सफलता को देखते हुए अब सरकार पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था लागू करने की कवायद है। इसको लेकर हाल ही में मनरेगा विभाग में कार्यरत जनपद स्तर के कर्मचारियों, अधिकारियों का प्रशिक्षण शिविर प्रदेश मुख्यालय पर आयोजित किया गया था। जिसमें पंचायत स्तर पर मस्टररोल निकालने से लेकर फीड़ करने का प्रशिक्षण सहित अन्य जानकारी दी गई। इसको लेकर जनपद के मनरेगा विभाग ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। जल्द ही मनरेगा विभाग ग्राम पंचायतों में तैनात रोजगार सेवकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को ट्रेनिंग दी जाएगी। रोजगार सेवकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को ट्रेनिंग मिल जाने के बाद ग्राम पंचायत में ही मनरेगा का मस्टररोल निकलेगा और वहीं पर फीड किया जाएगा। रोजगार सेवक यह कार्य पंचायत भवनों में ही करेंगे। हालांकि मनरेगा भुगतान की जिम्मेदारी विकास खंड स्तर की ही होगी।
पंचायतों को स्वावलंबी बनाने की कवायद
प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी बनाने के लिए कई कदम उठा रही है। जिसमें ग्राम पंचायत को जैम पोर्टल से सामान की खरीद करने की कवायद शुरू है। वहीं, अब ग्राम पंचायतों को पांच लाख तक का कार्य करने के अधिकार दिए जा चुके हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार ग्राम पंचायतों मस्टररोल फीडिंग योजना लागू हो जाने के बाद सरकार का अगला कदम मनरेगा भुगतान करने को लेकर उठाया जाएगा।
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ब्लॉकों की मनमानी पर लगेगा अंकुश
मनरेगा के कई कार्य ब्लॉक स्तर पर किए जाते है। जिसमें मस्टररोल फीडिंग, कार्ययोजना पूरी करने, मनरेगा के भुगतान जैसे काम शामिल है। इसमें मस्टररोल फीड़िंग और कार्ययोजना पूरी करने की कागजी कार्रवाई में ब्लॉक स्तर पर ढिलाई बरती जाती है। वर्तमान में मनरेगा की कई कार्य योजनाएं जनपद के ब्लॉकों में अभी भी लंबित हैं। मनरेगा के मस्टररोल फीड़िंग में भी ब्लॉकों द्वारा ढिलाई बरती जाती है। लेकिन अब पंचायत स्तर पर ही मस्टररोल निकलेगा और वहीं, फीड़ किया जाने का काम शुरू हो जाने से पंचायतों के कामों में तेजी आएगी।
छह ब्लॉक की 415 ग्राम पंचायतें है जनपद में
जनपद में छह ब्लॉक बार, महरौनी, तालबेहट, जखौरा, मड़ावरा व महरौनी हैं। इनके अंतर्गत 415 ग्राम पंचायतें है। जनपद में मनरेगा के 2 लाख 478 जॉब कार्ड है। जिसमें 1 लाख 49 हजार 986 एक्टिव जॉब कार्ड है।
ग्राम पंचायत स्तर पर मनरेगा योजना का मस्टररोल निकाला और फीड किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही रोजगार सेवकों और कंप्यूटर ऑपरेटरों को मनरेगा के द्वारा जनपद स्तर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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- रवींद्रवीर यादव, डीसी मनरेगा
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