ललितपुर। महायोजना 2031 को लेकर आईं आपत्तियों की शुक्रवार को सुनवाई की गई। इस दौरान 1028 आपत्तियों में से 950 को सुना गया। अब समिति इन्हें डीएम की अध्यक्षता में बनी कमेटी के सामने रखेगी। जिसके बाद महायोजना का संशोधित नक्शा तैयार किया जाएगा।
शहर के विकास को तैयार की गई महायोजना 2031 में नगर का विस्तार, औद्योगिक क्षेत्र, हरित पट्टी, आबादी, हाईवे फेसलिटी जोन सहित अन्य विकास योजनाएं बनाते हुए एक नक्शा तैयार किया था। इस प्रारूप पर 30 जुलाई तक आपत्तियां मांगी गईं थीं। जिसमें करीब 1028 आपत्तियां मिलीं। इनकी सुनवाई 21 सितंबर से तहसील सदर में संयुक्त नियोजक झांसी नरेंद्र कुमार पुष्कर्णा, अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र भानु प्रताप सिंह, जेई पीडब्ल्यूडी अमरकांत गौर ने की। 21 सितंबर को 400 और 22 सितंबर को 250 आपत्तियों की सुनवाई की गई। शुक्रवार को करीब 300 आपत्तियों की सुनवाई की गई। तीन दिन में 950 आपत्तियों को सुनने के बाद कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। अब आपत्तियों को जिलाधिकारी आलोक सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी के समक्ष रखा जाएगा। अब कमेटी के द्वारा संशोधित नक्शा तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजेगी।
रिंग रोड को लेकर पीडब्ल्यूडी ने जताई आपत्ति, मार्ग परिर्वतन का दिया सुझाव
शहर के विकास को लेकर जिला प्रशासन ने महायोजना 2031 में नगर क्षेत्र का दायरा बढ़ाते हुए अन्य योजनाओं सहित रिंग रोड बनाने का खाका तैयार किया था। यह रिंग रोड खिरिया मिश्र से सिलगन होते हुए हसनवारा, रोंडा, रामनगर, पनारी, मसौरा कलां के रास्ते मसौरा खुर्द तक पहुंचेगा। महायोजना में प्रस्तावित इस रिंग को लेकर लोक निर्माण विभाग ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। लोक निर्माण विभाग ने अपनी आपत्ति में रिंग रोड का मार्ग परिवर्तन का सुझाव दिया है। जिसमें उन्होंने बताया कि प्रस्तावित रिंग रोड शहर से काफी दूरी पर है। ग्राम सिलगन के आगे से प्रस्तावित रिंग रोड को करीब साढ़े तीन किलोमीटर शहर की ओर करने का प्रस्ताव समिति को दिया है। पीडब्ल्यूडी की इस आपत्ति पर अब कमेटी निर्णय लेगी।
इन पर आईं सबसे ज्यादा आपत्तियां
प्रस्तावित महायोजना 2031 में आपत्तियों की सुनवाई करने वाली समिति के पास सबसे अधिक शिकायतें ग्रीन लैंड को आवासीय करने, हाईवे फैसलिटी जोन सहित भू-उपयोग संबधी आई हैं। पुरानी महायोजना में जहां पर हरित पट्टी व कृषि योग्य भूमि है। वहां पर आबादी हो गई है। पुरानी महायोजना में हरित पट्टी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने जमकर आपत्तियां दर्ज कराई है।
कॉमर्शियल लैंड को लेकर भू-माफिया ने किया गुमराह
महायोजना 2031 में प्रस्तावित किए गए कॉमर्शियल लैंड को लेकर किसानों को भू-माफिया ने खूब गुमराह किया। जिसका नतीजा यह हुआ कि नई प्रस्तावित महायोजना में अधिक शिकायतें आई हैं।
आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। अब इन्हें जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बनी कमेटी के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके बाद कमेटी के द्वारा संशोधित नक्शा तैयार किया जाएगा और इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
- भानु प्रताप सिंह, अवर अभियंता, विनियमित क्षेत्र