संवाद न्यूज एजेंसी
पाली (ललितपुर)। अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में रविवार को नवकुंडात्मक श्री रामयज्ञ के शुभारंभ से पहले गाजे-बाजे के बीच मंगल कलश यात्रा निकाली गई।
चौरसिया समाज के तत्वावधान में श्री नीलकंठेश्वर मंदिर स्थित ढबुआ आश्रम हनुमानगढ़ी में नवकुंडात्मक यज्ञ के साथ सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर 13 फरवरी को परिचय सम्मेलन और 14 को पाणिग्रहण संस्कार होंगे। रविवार को यज्ञ कार्यक्रम का श्री गणेश हुआ। सुबह नंदवानी बगीचा धर्मशाला से यज्ञाचार्य सुनील शास्त्री ने पंडितों के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरवा कर यात्रा का शुभारंभ किया। सबसे आगे गाजे-बाजे के बीच लोग धर्म ध्वजा लहराते जय श्रीराम के जयकारों के साथ चल रहे थे तो महिलाएं सिर पर कलश रख मंगलगीत गाती चल रही थीं।
कलश यात्रा चौरसिया अवध बिहारी मंदिर, श्री हजारिया विश्वनाथ महादेव मंदिर, श्री बालाजी मंदिर, श्री गणेश मंदिर, श्री राधाकृष्ण मंदिर में पूजा अर्चना कर श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां यज्ञ मंडप में कलश स्थापित हुए। इस दौरान यज्ञाचार्य ने कहा कि यज्ञ से मनुष्य को आध्यात्मिक संपदा की प्राप्ति होती है। साथ ही यह आसपास के वातावरण को सुगंधित कर विकारों को दूर करता है। यज्ञशाला में धर्मध्वजा रोहण पूरी आस्था के साथ हुआ। इस दौरान चौरसिया समाज अध्यक्ष नंदकिशोर चौरसिया, मंदिर प्रबंधक जगदीश बाखर, पुनीत चौरसिया, घनश्याम चौरसिया, पुरुषोत्तम चौरसिया, माते मोहनलाल चौरसिया, नीरज राही, सभासद घनश्याम चौरसिया, प्रभू चौरसिया, विंद्रावन आदि मौजूद रहे।
11जेएनडी28: सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए छात्र। स्वयं
11जेएनडी28: सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते हुए छात्र। स्वयं