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बिजली का एक साल में 5.43 करोड़ का नुकसान

Sat, 01 Aug 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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नगर में बिजली उपभोक्ताओं से विद्युत वसूली के लिए विभाग द्वारा एक कार्यदायी संस्था के माध्यम से बिलिंग का कार्य करवाया जा रहा है। शहर में अब तक करीब 25 हजार से अधिक घरेलू, चार हजार से अधिक कॉमर्सियल और एक सैकड़ा से अधिक पॉवर संयोजनधारी उपभोक्ताओं द्वारा बिजली का उपभोग किया जा रहा है। इनमें विगत वर्ष अभियान चलाकर विभाग द्वारा ढाई हजार से अधिक उपभोक्ताओं की रसीदें कटवाकर नए संयोजन दिए गए। विभाग ने संयोजन तो दे दिए, लेकिन अब भी करीब दो हजार नए संयोजनधारी उपभोक्ता ऐसे हैं जिनकी रसीदें काटकर उन्हें वैध तो कर दिया गया, लेकिन अब भी उनकी बिजली बिलिंग नहीं की जा पा रही है। इसके चलते यदि इन उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा एक किलोवाट का संयोजन भी दिया गया हो तो भी विभाग को 155 फिक्स्ड यूनिट इस हिसाब से करीब पंद्रह खास दस हजार रुपये का नुकसान हर माह हो रहा है। इसी प्रकार पुराने संयोजनधारी करीब चार हजार उपभोक्ताओं ऐसे हैं, जिनकी हर माह डाटा उपलब्ध नहीं होने या फिर अन्य किसी कारण के चलते विद्युत बिलिंग नहीं की जा पा रही है। 23 हजार के सापेक्ष मीटर रीडरों द्वारा मात्र  19 हजार या फिर कई बार तो इससे भी विद्युत बिलिंग हो रही है। यदि ऐसे चार हजार उपभोक्ताओं का एक किलोवाट के हिसाब से बिलिंग नहीं होने सेे विद्युत विभाग को हर माह करीब तीस लाख बीस हजार रुपये का नुकसान हो रहा है, साथ ही बहुत से उपभोक्ताओं के विद्युत बिलों में भारी गड़बड़ियां भी आ रहीं हैं, जिसके चलते जहां उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है, वहीं विभाग को भी लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। बिलिंग नहीं होने के कारण दोनों नए व पुराने संयोजनधारी उपभोक्ताओं से विभाग को हर माह 45 लाख 30 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। यह बिलिंग एक या दो माह से नहीं बल्कि करीब एक वर्ष से इसी प्रकार बाधित चल रही है, जिसके चलते विद्युत विभाग को एक वर्ष में करीब पांच करोड़ 43 लाख 60 हजार रुपये का नुकसान हो हुआ है। यह तो मात्र एक किलोवाट के हिसाब से अनुमानित राशि का आंकड़ा है। यदि वास्तविक आंकलन किया जाए तो विभाग का यह आंकड़ा और भी अधिक हो सकता है। हालांकि, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि स्थिति में सुधार किया जा रहा है। बिलिंग प्रतिशत सुधारने के लिए मीटर रीडरों को सख्त हिदायत भी दी गई है।
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