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लेखपाल ने गांव जाकर डूब क्षेत्र का लिया जायजा, एसडीएम को देंगे रिपोर्ट

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बांसी (ललितपुर)। तालाब में पानी निकासी न होने से फसल डूबने की खबर पर शुक्रवार को लेखपाल रामकुमार रजक ने मौके पर जाकर जायजा लिया। लेखपाल ने किसानों को आश्वस्त किया कि वह अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंपेंगे। इसके बाद जो आदेश मिलेगा उसी के अनुसार पानी निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी।
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गौरतलब हो कि कस्बा के मन तालाब के रकवा से 50 एकड़ और बड़ा तालाब के निर्धारित रकवा से 150 एकड़ से अधिक भूमि पर वर्तमान में जलभराव है, जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हैं। किसान इसी भूभाग में रबी की फसल पर पूरी तरह निर्भर हैं। किसान चिंतित है कि समय रहते पानी निकासी नहीं की गई तो खेत सूखेंगे नहीं और फसल के लिए खेतों की जुताई नहीं हो सकेगी, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट आ जाएगा। किसानों की इस समस्या को अमर उजाला ने 19 सितंबर के अंक में तालाब में पानी निकासी न होने से फसल डूबी शीर्षक से प्रकाशित किया था। समाचार में तालाब की सीमा से अधिक जल भराव में फसल डूबी होने और जलभराव के कारण रबी की फसल बुवाई की चिंता देखते हुए पानी निकासी की मांग की गई थी। 30 सितंबर को अमर उजाला में फसल बीमा क्लेम के लिए भटक रहे किसान शीर्षक से खबर प्रकाशित होने पर चेते तहसील प्रशासन ने शुक्रवार सुबह क्षेत्रीय लेखपाल को मौके पर भेज कर जांच कराई। जलभराव से किसान रामलला गोस्वामी, इमरत कुशवाहा, कोमल कुशवाहा, महेश कुशवाहा, दीपक कुशवाहा, राकेश कुशवाहा, सूके कुशवाहा, बाबूलाल कुशवाहा, हरीसिंह कुशवाहा आदि ने लेखपाल को नुकसान की जानकारी दी।
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