संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। यहां से बिरारी तक खजुराहो रेलवे लाइन पर 16 किलोमीटर दोहरीकरण की योजना तैयार की गई थी। ढाई सौ करोड़ की लागत की इस परियोजना में छह गांवों की 28 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी थी। जिला प्रशासन ने भूमि का अधिग्रहण कर रेलवे के सुपुर्द कर दिया है।
रेल यातायात व्यस्त होने की दशा में ट्रेनों को फ्लाईओवर से होकर दूसरे स्टेशन तक आसानी से पहुंचाने के लिए यह योजना तैयार की गई थी। रेलवे ने कुछ वर्ष पहले ललितपुर रेलवे स्टेशन के समीप सिलगन से बिरारी तक रेल लाइन दोहरीकरण फ्लाईओवर परियोजना बनाई थी। इस योजना में तकरीबन 16 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाई जानी थी। इसके निर्माण की लागत करीब ढाई सौ करोड़ आंकी गई थी। इस परियोजना में अधिग्रहित भूमि की सूचना जारी कर लोगों से आपत्ति मांगी गई थी। इसका निस्तारण करते हुए निजी भूमि का अधिग्रहण प्रारंभ कर दिया गया था। इस परियोजना में कुछ सरकारी भूमि आ रही थी जो कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम सभा से अधिग्रहित कर ली गई। जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया है।
इन गांवों की इतनी भूमि हुई अधिग्रहित
ग्राम का नाम- अर्जित भूमि का क्षेत्रफल हेक्टेयर में
बिरारी - 3.760
चंदेरा - 1.396
रजवारा - 1.517
सिवनी खुर्द- 4.355
सिलगन - 5.439
ललितपुर - 11.989
00000000000
योग - 28.456
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दैलवारा-बिरारी कॉड लाइन के लिए भी भूमि हो चुकी है अर्जित
दैलवारा से बिरारी तक 11.081 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण पूर्व में हो चुका है। यह भूमि भी अधिग्रहीत कर रेलवे को सुपुर्द कर दी गई है। रेलवे कॉड लाइन के लिए अन्य प्रक्रिया पूर्ण कर रहा है।
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ललितपुर-बिरारी दोहरीकरण फ्लाईओवर योजना में भूमि का अधिग्रहण हो चुका है। यह भूमि रेलवे के सुपुर्द कर दी गई है। अब रेलवे को ही निर्माण प्रारंभ करना है। -देवेंद्र सिंह, अपर जिलाधिकारी- भू अध्यापित अधिकारी।