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Lalitpur News: लैब संचालक ने सीएचसी प्रभारी पर लगाया कमीशन मांगने का आरोप

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जखौरा में सीएचसी के बाहर संचालित है पैथोलॉजी, डॉक्टर ने महिला मरीज की रिपोर्ट को नहीं माना
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डॉक्टर ने महिला को लिखी थीं कई जांचें

अमर उजाला ब्यूरो
जखौरा (ललितपुर)। जखौरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के बाहर संचालित एक प्राइवेट पैथोलॉजी के संचालक ने प्रभारी चिकित्साधिकारी पर कमीशन न देने पर पैथोलॉजी की रिपोर्ट सही न मानने का आरोप लगाया है।
यह मामला उस समय तूल पकड़ गया जब अस्पताल में दिखाने आई एक महिला से डॉक्टर ने कुछ जांचें करवाने को कहा और वह महिला अस्पताल के बाहर खुली इस पैथोलॉजी से जांच करवाकर रिपोर्ट ले आई।
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महिला का कहना है कि डॉक्टर ने रिपोर्ट मानने से इन्कार कर दिया। डॉक्टर ने कहा कि किसी अच्छी पैथोलॉजी से जांच कराआें, जिससे रिपोर्ट सही हो। इस पर महिला गलत रिपोर्ट बनाने की शिकायत लेकर पैथोलॉजी पहुंची तो संचालक द्वारा प्रभारी चिकित्साधिकारी पर कमीशन मांगने का आरोप लगाया गया।
18 सितंबर को जखौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. समीर प्रधान के पास आई महिला मरीज शकुन को डॉक्टर ने कुछ जांचे कराने की सलाह दी थी। महिला के अनुसार डॉक्टर ने कहा था कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दवा लिखेंगे। इस पर महिला अस्पताल के बाहर संचालित निजी पैथोलॉजी पर पहुंची और पर्चे के आधार पर जांचें करा लीं।
महिला ने बताया कि जांच कराने में उसने सात सौ रुपये खर्च किए, जब रिपोर्ट लेकर वह डॉक्टर के पास पहुंची तो उन्होंने रिपोर्ट देखते ही उसे मानने से मना कर दिया। बताया कि पैथोलॉजी मानकों के हिसाब से नहीं चल रही है, उस पर न तो टेक्नीशियन हैं और न अन्य व्यवस्थाएं, ऐसे में इस जांच रिपोर्ट के आधार पर दवा देना संभव नहीं है। महिला का आरोप है कि डॉक्टर ने कुछ दवाएं लिखकर उन्हें बाहर से लेने की सलाह दी। अस्पताल से दवाएं लिखने की बात पर डॉक्टर ने कहा कि उसकी बीमारी की दवाएं अस्पताल में नहीं हैं।
उधर, रिपोर्ट सही न होने की बात सुनकर महिला पैथोलॉजी संचालक के पास पहुंची और उसे डॉक्टर की बात बताते हुए कहा कि डॉक्टर उसकी जांच रिपोर्ट को गलत मान रहे हैं। इस पर संचालक ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रभारी चिकित्साधिकारी को कमीशन देते थे तब रिपोर्ट सही थी। जब कमीशन देना बंद कर दिया तो जांच रिपोर्ट गलत हो गई। इस पर महिला मरीज परेशान हो गई उसने कहा कि पैसा भी खर्च हो गया और स्वास्थ्य लाभ भी नहीं मिला। इसकी चर्चा होने पर मामला मीडिया तक पहुंच गया।

आरोप पूरी तरह से गलत है। किसी झोलाछाप की जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज की जिंदगी से खिलवाड़ नहीं कर सकते। पैथोलॉजी पर न तो टेक्नीशियन है और न ही बीएमडब्ल्यू संबद्ध है, इस संबंध में एक सितंबर को सीएमओ को पत्र भेजकर अवगत भी करा दिया है।-डॉ.समीर, प्रभारी चिकित्साधिकारी, सीएचसी जखौरा
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जब से सीएचसी प्रभारी डॉक्टर समीर प्रधान आए हैं, वह जांच में कमीशन मांगते हैं। पहले हमने 50 फीसदी कमीशन उन्हें दिया लेकिन जब वह 70 फीसदी मांगने लगे तो कमीशन देना बंद कर दिया। इस वजह से वह हमारी लैब की जांच रिपोर्ट को मना कर देते। -शिशुपाल सिंह, लैब संचालक
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