तालबेहट। नए शासनादेश का हवाला देकर तहसील में किसान क्रेडिट कार्ड के बंधक दर्ज कराने पर रोक लगा दी गई है। जिससे बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने वाले किसानों को भारी असुविधा हो रही है। बैंक से कार्ड बन जाने के बाद खतौनी में बंधक प्रविष्टि न होने के कारण बैंक पैसा नहीं दे रही है। इससे किसान परेशान है। उन्होंने डीएम से समस्या के निस्तारण की मांग की।
प्रदेश सरकार ने कुछ दिन पहले एक शासनादेश जारी करते हुए बैंकों से बनने वाले किसान क्रेडिट कार्ड के बंधक राजस्व खतौनी में दर्ज करने और हटाने की जिम्मेदारी बैंकों को दे दी है। सरकार ने नए फरमान के बाद तहसीलदार ने एक अगस्त से बैंकों से बंधक होने आने वाले बंधकों के दर्ज कराने पर रोक लगा दी है। इससे पूरे क्षेत्र के किसान परेशान है।
वहीं बैंक वाले भी बैंक में स्टाफ की कमी और ऑनलाइन व्यवस्था की अज्ञानता एवं पासवर्ड आदि का हवाला देकर बंधक दर्ज करने से कतरा रहे हैं। इससे किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड बन जाने के बाद बैंकों से समय से पैसा नहीं मिल पा रहा है। किसानों ने इस ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बैंकों के बंधक के प्रबंध की मांग की है।
बैंकों के बंधक खतौनी में दर्ज न होने से किसान परेशान हैं। इसके लिए बैंक वालों को पहले करते हुए अपनी व्यवस्था करना चाहिए। - नीरज पटैरिया
- बंधक कराने के लिए किसान तहसील के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं तहसील वाले शासनादेश का हवाला देकर किसानों को बैंक भेज रहे हैं। कल्यान कुशवाहा
पूरे जनपद में केवल तहसील तालबेहट में ही बंधक नहीं हो रही है। अन्य तहसीलों में आज भी खतौनी बंधक तहसील कर्मचारियों द्वारा की जा रही है।- शेरसिंह
शासनादेश जारी करने के पहले बैंकों को इसकी सूचना एवं पासवर्ड बैंकों को उपलब्ध कराने थे। जिससे किसानों को परेशानी का सामना न करना पड़ता। - रामलाल प्रजापति
नए शासनादेश के तहत बैंकों को सुविधा दी गई है कि वह खतौनी में ऑनलाइन बंधक करने और हटा सकते हैं। आईडी और पासवर्ड बैंकों को उनके विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। - राघवेंद्र शर्मा, तहसीलदार तालबेहट