- 29 जून को झांसी के इलाइट चौराहा से किया था अपहरण, परिजनों से मांगी थी दस लाख की फिरौती
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। 29 जून को झांसी के इलाइट चौराहे से अगवा युवक को पुलिस ने मंगलवार रात बरामद कर लिया। बदमाशों ने युवक को कार में बंधक बना रखा था। वे युवक को कई शहरों में घुमाते रहे। बुधवार को पुलिस ने हाईवे के पास से उसे छुड़ा लिया। पुलिस ने तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
दरअसरल, जनपद झांसी के थाना प्रेमनगर के सुमेर नगर निवासी नरेंद्र यादव पुत्र घनश्याम यादव का अपहरण 29 जून को झांसी के इलाइट चौराहा से अपहरण कर लिया गया। बदमाशों ने परिजनों से दस लाख रुपये की फिरौती मांग थी। रुपये न देने पर नरेंद्र को जान से मारने की धमकी दी थी। अपहरण करने के बाद युवक को कार में बंधक बनाकर रखा गया। बदमाश उसे लेकर कानपुर, मथुरा, आगरा, शिवपुरी में घूमते रहे। इसके बाद वे लोग ललितपुर आए। यहां से झांसी जाने की योजना बना रहे थे। ग्राम कुमरौल की ओर जाने वाले मार्ग पर पुलिस ने चेकिंग के दौरान रोक लिया और पूछताछ करने लगे। इसी बीच नरेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसे कार में बंधक बनाकर रखा गया है। इसके बाद पुलिस ने उसे छुड़ाकर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पुलिस ने झांसी के निशांत कंचन निवासी छोटी मस्जिद के पास सूर्यपुरम कॉलोनी, आवास विकास कॉलोनी, थाना सीपरी बाजार, पवन सिंह निवासी ग्राम पटगवां थाना कटेरा और रोहित प्रताप सिंह निवासी सूर्यपुरम कॉलोनी निवासी आवास विकास कॉलोनी, थाना सीपरी बाजार को गिरफ्तार किया है।
कई दिनों से रेकी कर रहे थे बदमाश
आरोपियों ने बताया कि नरेंद्र साइबर अपराधियों के संपर्क में था। फर्जी अकाउंट और सिमें दिलवाता था। इससे नरेंद्र ने खूब रुपये कमा लिए थे। हाल में उसने एक गाड़ी खरीदी थी, महंगे फोन रखता था। अपहरण के लिए उन्होंने नरेंद्र की लंबे समय तक रेकी की थी।
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टीम में ये रहे शामिल
एसपी मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि युवक को ढूंढ निकालने के लिए सीओ सदर के पर्यवेक्षण में चार टीमें बनाई गईं थीं। इनमें स्वाट टीम, साइबर, सर्विलांस और थाना स्तर की टीमें थीं। टीम में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र मिश्रा, निरीक्षक अरविंद सिंह, चौकी बिरधा प्रभारी नरेंद्र सिंह, मनोज खान, सिपाही धीरेंद्र कुमार, आनंद कुमार, एसओजी प्रभारी राहुल राठौर आदि शामिल रहे।
साइबर अपराधियों की मदद करने वालों को बनाते थे निशाना
आरोपियों ने बताया कि वे ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे। जो साइबर अपराधियों को फर्जी सिम, कूटरचित दस्तावेज से बनाए गए बैंक अकाउंट उपलब्ध कराते थे। ऐसे लोग रातोंरात अमीर बन जाते थे। इसलिए आसानी से उनकी नजर में आ जाते थे। उनकी रेकी कर अगवा कर लेते थे। बाद में परिजनों से फिरौती मांगते थे।
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तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
मोहम्मद मुश्ताक, पुलिस एसपी