संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अखिल भारतीय खंगार क्षत्रिय समाज ने चंदेरी नरेश महाराजा मेदिनी राय खंगार, महारानी मणिमाला खंगार व 5000 क्षत्रिय वीरों और 1600 रानियों को दीप जलाकर याद किया।
वक्ताओं ने कहा, सन् 1526 में बाबर और राणा सांगा के बीच हुए खानवा के युद्ध में मेदिनी राय खंगार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। बाबर भी ऐसी वीरता देख हतप्रभ रह गया था। उसके बाद बाबर ने सन् 1528 में चंदेरी पर आक्रमण किया और बाबर की संधि का प्रस्ताव मेदिनी राय ने ठुकरा कर युद्ध के लिए न्योता दिया। घनघोर युद्ध हुआ, परंतु विश्वासघात के कारण 5000 खंगार वीर लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। इसके बाद 16,000 मां व बहनों ने अग्निकुंड में अपनी देह समर्पित कर दी। अग्निकुंड से ही माता मणिमाला का एक तीर बाबर की पगड़ी में लगा और वह नीचे गिर गई। बाबर को किले के अंदर कुछ भी न मिला, वह जीत कर भी हार चुका था। क्षत्रिय खंगार वंश के राजपूतों ने अपनी आन बान शान तथा मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। कार्यक्रम में विवेक जैन, जिला अध्यक्ष अभिषेक राय, युवा जिला अध्यक्ष शैलेंद्र परिहार, छपरट प्रधान भैयन खंगार, नीरज परिहार, बालवीर परिहार, योगेश परिहार, भगवानदास, केहर, निखिल रूपसिंह, राहुल, सोनू सिंह, राहुलराय, झांसी टीम के अमित परिहार, राजेंद्र परिहार, कमलेश परिहार, बृजभान सिंह, पूरन सिंह, रवि राय, नीता परिहार, सीलू परिहार, ज्योति परिहार, रोहित परिहार, राजू, नितिन परिहार, महेश आदि मौजूद रहे।
फोटो 41- नार्थ वेस्ट अंतर विश्वविद्यालय क्रिकेट प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाते खिलाड़ी। स्