संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बीएसए ने बीआरसी जखौरा का निरीक्षण किया। कई कमियां पाई गईं। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा। बीआरसी पर संबद्ध चल रहे दो अनुदेशकों को कार्यमुक्त करते हुए उन्हें उनके मूल विद्यालय में भेज दिया।
शुक्रवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉक संसाधन केंद्र जखौरा का निरीक्षण किया। एबीएसए जखौरा कार्यालय में उपस्थित नहीं मिले। कार्यालय सहायक नीलेश भास्कर निरीक्षण के समय उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि वह दैलवारा में पुस्तक वितरण कार्य कर रहे थे। कार्यालय सहायक सूर्यप्रकाश के 5 व 6 सितंबर के आने के हस्ताक्षर रिक्त थे। अनुपस्थित कर्मियों के बारे में बीएसए ने जानकारी ली तो सूर्यप्रकाश के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। कार्यालय के सभी कक्ष बंद थे। बैठक हॉल में सभी कर्मचारी एक साथ बैठे थे। उनसे आवंटित कार्यों के बारे में पूछा गया तो संबद्ध दो अनुदेशकों ने बताया ने वह फीडिंग के कार्य के लिए संबद्ध हैं। लेकिन फीडिंग कार्य के बारे में जानकारी नहीं दी। तीन कार्यालय सहायक जिन्हें कंप्यूटर कार्य में सहयोग के लिए कार्यालय में संबद्ध किया गया, उनके द्वारा भी आवंटित कार्य की सही जानकारी नहीं दी गई।
नीलेश भास्कर ने बताया कि वह दैलवारा में पुस्तक वितरण का कार्य कर रहा था, जबकि खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा द्वारा पुस्तकों का वितरण पूरे ब्लॉक के विद्यालयों में पूर्ण वितरण कराए जाने का प्रमाण पत्र प्रेषित किया गया है। इससे प्रतीत होता है कि ब्लॉक संसाधन केंद्र जखौरा में पुस्तकों का शत प्रतिशत पुस्तकों का वितरण नहीं कराया गया है। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी जखौरा से पुस्तक वितरण में लापरवाही बरतने पर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही बीआरसी पर संबद्ध अनुदेशक विशाल वाल्मिकी और राघवेंद्र नरवरिया का तत्काल प्रभाव से संबद्धीकरण समाप्त कर दिया। बीएसए ने बीआरसी में कार्यरत पूरे स्टाफ से स्पष्टीकरण तलब किया है।