फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: एमपी में खाद भेजने की सूचना, जांच शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। यहां आलू की फसल नहीं होती है। गेहूं की बोआई के लिए अभी खेत तैयार नहीं है, लेकिन खाद की दुकानों से स्टॉक कम हो रहा है। प्रशासन सजग हो गया है, कहीं सीजन में खाद की किल्लत न हो जाए। इसकी जांच प्रारंभ हो गई है। सरकारी समितियों के अलावा अन्य खाद विक्रेता भी निशाने पर हैं।
अभी से खाद की बिक्री प्रारंभ हो गई है। प्रशासन को अंदेशा है कि खाद मध्य प्रदेश भेजी जा रही है। या फिर किसानों के नाम जमाखोर स्टॉक कर रहे हैं। प्रशासन को इसकी भनक तब लगी, जब दो सहकारी समितियों से 14.85 मीट्रिक टन खाद सिर्फ दस किसानों को बेचने की सूचना मिली। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने इसकी विस्तृत जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी है। प्रत्येक दुकान का सर्वे किया जा रहा है। किसानों का भी सत्यापन किया जा रहा है। सहकारी समिति सैदपुर व जाखलौन से बेची गई खाद की जांच हो रही है।
विज्ञापन


47 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता : जिला कृषि अधिकारी राजीव भारतीय ने बताया कि यहां का किसान गेहूं की फसल में एक एकड़ में दो बोरी फास्फेट खाद व दो ही बोरी यूरिया डालता है, इसलिए दोनों की समान खपत है। आंकड़ों के मुताबिक यहां 47 हजार मीट्रिक टन खाद की खपत होती है।
विज्ञापन


अभी यह है उर्वरक की स्थिति
उर्वरक - मात्रा मीट्रिक टन में
यूरिया - 10287.81
डीएपी - 7425.85
एमओपी- 41.60
एनपीकेएस - 4574.70
एसएसपी - 235.35
कंपोस्ट - 23.10
एफओएम- 45.78
योग - 22634.19

खाद बिक्री की जांच कराई जा रही है। इस सीजन में आलू की फसल जहां पैदा होती है, वहां खाद की बिक्री होती है। लेकिन, यहां रबी सीजन के पहले बिक्री होने के कारण संदेह उत्पन्न हो रहा है। दो समितियां संदेह के घेरे में आई हैं, जिनकी जांच हो रही है। खाद बिक्री की निगरानी के लिए चार दुकानों पर एक कर्मचारी की तैनाती की जा रही है।
केके पांडे, मुख्य विकास अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें