कई समितियों पर खाद न होने से किसान परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अक्तूबर से रबी फसलों की बुआई का सीजन शुरू हो जाता है। खरीफ फसलों में नुकसान के बाद अब किसान रबी की तैयारियाें में जुट गए हैं। लेकिन, कई समितियों पर अभी से खाद का स्टॉक नहीं है, इससे किसान परेशान हैं। बीते वर्षों में खाद की कमी को ध्यान में रखते हुए किसान बाजार से लेकर सोसायटी तक दौड़ लगा रहे हैं। लेकिन, उन्हें निराशा हाथ लग रही है।
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यह है लक्ष्य : रबी फसलों की बुआई के लिए 41500 मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में विभाग के पास छह हजार मीट्रिक टन दुकानों पर उपलब्ध है। सोसायटी पर भी 2500 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है।
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किसानों ने रबी की बुआई के लिए खाद की खरीदारी पहले से शुरू कर दी है। अभी छह हजार मीट्रिक टन खाद बाजार में दुकानों पर उपलब्ध है।- राजीव कुमार भारती, जिला कृषि अधिकारी
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दुकानों के बाहर नहीं लगी स्टॉक व रेट सूची
संवाद न्यूज एजेंसी
सिलावन (ललितपुर)। महरौनी तहसील क्षेत्र में नियमों को ताख पर रखकर उर्वरक बेचा जा रहा है। दुकान के बाहर न स्टॉक की जानकारी है न ही रेट की सूची। इससे किसानों में भ्रम की स्थिति है।
सरकार सहकारी समितियों के साथ प्राइवेट दुकानदारों के माध्यम से भी किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराती है। दुकान के बाहर स्टॉक व रेट सूची लगाना अनिवार्य है। पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरक की बिक्री के नियम हैं। किसान को पक्का बिल देना भी जरूरी है। लेकिन, दुकान के बाहर स्टॉक व रेट सूची नहीं लगने से किसानों को जानकारी नहीं हो पा रही है। किसान बताते हैं कि महरौनी में उर्वरकों की कमी की अफवाह फैलाकर ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। रविवार को दुकानों पर डीएपी 1550 से 1600 रुपये तक बेचने की बात किसान कह रहे हैं।
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फोटोः-33
सहकारी समिति का चक्कर लगा रहे किसान
महरौनी। बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति पर खाद न मिलने से किसान परेशान हैं। डीएपी की आस में हर रोज किसान सहकारी समिति के चक्कर लगा रहे हैं।
जहां निजी दुकानों पर डीएपी की बिक्री शुरू हो गई है, वहीं सहकारी समिति (बी-पैक्स) पर अभी तक खाद उपलब्ध नहीं है। इस समिति से जुडे़ 380 सदस्य व किसान डीएपी के लिए परेशान हैं। किसानों को कहना है कि रबी फसल की बुआई का समय नजदीक आता जा रहा है, लेकिन अभी तक सहकारी समिति पर खाद नहीं आई। किसानों ने सहकारी समिति पर जल्द खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
चतुर्थश्रेणी कर्मी के भरोसे समिति :
बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति (बी-पैक्स) महरौनी महज एक चतुर्थश्रेणी कर्मी के भरोसे है। स्टाफ के अभाव में वसूली भी बंद पड़ी है। सदस्यों और किसानों को न ऋण मिल रहा है न ही खाद बीज। सहकारी समिति की इमारत भी खस्ताहाल है। किसानों के बैठने के लिए स्थान तक नहीं है।
सहकारी समिति पर स्टाफ की कमी है। सिर्फ एक चपरासी के भरोसे समिति चल रही है। खाद के लिए कागजी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही खाद उपलब्ध होगी। -सहदेव सिंह यादव, सचिव, सहकारी समिति महरौनी