संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बालबेहट में बांध बनाने के लिए पानी की उपलब्धता सहित अन्य संभावनाएं तलाशने का काम जल्द ही आईआईडी रुड़की की टीम की ओर से किया जाएगा। इसके लिए टीम सर्वे करेगी।
बांध का निर्माण सौंर नदी पर किया जाना है। इसकी क्षमता 10 एमसीएम की होगी। परियोजना निर्माण में बालाबेहट कस्बे में पेयजल आपूर्ति का ध्यान रखा जाएगा। बांध का निर्माण करीब तीन सौ हेक्टेयर भूमि में होगा। सौंर नदी पर बालाबेहट रबर डैम परियोजना के निरस्त होने के बाद यहां नई बांध परियोजना का काम तेजी से शुरू कर दिया है।
सिंचाई विभाग ने 2022-23 में बांध का प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजा था। बांध की जलस्तर क्षमता करीब 10 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) की होगी। इसमें जमीन की गुणवत्ता के लिए जियोलॉजिकल विभाग की ओर से सर्वे किया गया था। अब इस प्रस्तावित बांध परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की के भू-वैज्ञानिक की टीम सर्वे करेगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सर्वे टीम जांच के लिए यहां बोरिंग कर भूमि के अंदर दबी चट्टानों की क्षमता जांचेगी। उम्मीद है कि जल्द ही नई बांध परियोजना की सौगात मिल जाएगी। इस बांध में पेयजल परियोजना के लिए पानी सुरक्षित रखा जाएगा। साथ में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा। करीब एक दर्जन से अधिक गांव के लोगों को लाभ मिलेगा।
सिंचाई निर्माण खंड के अधीक्षण अभियंता शीलचंद्र उपाध्याय ने बताया कि बांध परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की की भू वैज्ञानिकों की टीम जल्द ही सर्वे करेगी। इसके लिए करीब 20-25 लाख रुपये का खर्च आएगा।
पहाड़ी क्षेत्र की वजह से होती सिंचाई और पेयजल की समस्या
बालाबेहट का पूरा क्षेत्र पहाड़ी है। बारिश का पानी छोटे-छोटे नालों से होकर निचले इलाकों में चला जाता है। इससे गर्मी के मौसम में क्षेत्रवासियों को पानी नहीं मिलता है। इस बांध परियोजना के बन जाने से क्षेत्रवासियों को वर्ष भर पानी उपलब्ध होगा। इसलिए इस क्षेत्र के कृषि विकास के लिए यह बांध परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।